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अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल-प्रियंका गांधी, राष्ट्रपति से की दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रोकने की मांग

अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल-प्रियंका गांधी, राष्ट्रपति से की दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रोकने की मांग

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बुधवार शाम दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले। दोनों नेता करीब एक घंटे तक परिवार के साथ रहे। अंकिता के परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति रोकी जाए और इसे रद्द किया जाए।

परिवार की यह मांग दुष्यंत कुमार गौतम को 12 अक्टूबर को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद सामने आई है। अंकिता के माता-पिता लंबे समय से अपनी बेटी की हत्या से जुड़े मामले में कथित वीआईपी की पहचान और भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं।

राहुल और प्रियंका ने परिवार से की मुलाकात

बुधवार शाम राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इंडिया गेट पहुंचे, जहां अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। दोनों ने परिवार से मुलाकात की और करीब एक घंटे तक वहां रुके।

परिवार की मांग है कि अंकिता की हत्या से जुड़े मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल पद की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए।

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

अंकिता भंडारी उत्तराखंड के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। मामले में सामने आए आरोपों के अनुसार, अंकिता पर एक वीआईपी को विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया गया था और कथित तौर पर इनकार करने के बाद विवाद हुआ।

इस हत्याकांड ने उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश पैदा किया था। मामले में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को मई 2025 में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, परिवार की ओर से उठाए जा रहे कथित वीआईपी की पहचान और भूमिका से जुड़े सवाल अलग मुद्दे हैं।

मां सोनी देवी ने जताई चिंता

अंकिता की मां सोनी देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उनकी चिंता बढ़ गई है। परिवार का कहना है कि बेटी की हत्या के मामले में जिस वीआईपी का जिक्र होता रहा है, उसकी पहचान और भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए।

परिवार ने राष्ट्रपति से नियुक्ति पर रोक लगाने और उसे रद्द करने की अपील की है। हालांकि, दुष्यंत कुमार गौतम की कथित वीआईपी से संबंधित भूमिका को लेकर लगाए जा रहे सवालों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का महत्व होगा।

सीबीआई जांच पूरी होने तक कार्रवाई की मांग

अंकिता के माता-पिता चाहते हैं कि सीबीआई जांच पूरी होने तक राज्यपाल पद पर नियुक्ति रोक दी जाए। परिवार का कहना है कि मामले से जुड़े सभी सवालों का जवाब मिलना चाहिए और कथित वीआईपी की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

फिलहाल, राहुल और प्रियंका गांधी की परिवार से मुलाकात के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। परिवार की मुख्य मांग कथित वीआईपी की पहचान और मामले की जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की है।

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