मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा, सीएम धामी ने अपने पास रखे कई अहम विभाग
उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। इस निर्णय के साथ राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था को नया स्वरूप मिला है और मंत्रियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से तय किया गया है।
विभागों के आवंटन में मुख्यमंत्री धामी ने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक विभाग अपने पास ही रखे हैं। इसमें सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग शामिल हैं। इन अहम विभागों को अपने नियंत्रण में रखकर मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कामकाज पर अपनी पकड़ मजबूत रखने का संकेत दिया है।
सूत्रों के अनुसार, इन विभागों को सीधे मुख्यमंत्री के पास रखने का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता, अनुशासन और त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करना है। गृह विभाग और सतर्कता जैसे विभाग कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं, जबकि कार्मिक और नियुक्ति विभाग सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं।
विभागों के इस बंटवारे को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख विभागों को अपने पास रखने का फैसला यह दर्शाता है कि सरकार प्रशासनिक सुधारों और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है। साथ ही, इससे यह भी संकेत मिलता है कि सरकार महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर खुद नजर बनाए रखना चाहती है।
नव-नियुक्त मंत्रियों को भी उनके-अपने विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे अब सरकार के कामकाज में और अधिक तेजी आने की उम्मीद है। सभी मंत्रियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने-अपने विभागों में योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों को गति देंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह का विभागीय बंटवारा आगामी समय में सरकार की कार्यप्रणाली और प्रदर्शन पर सीधा प्रभाव डालेगा। खासकर 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह कदम काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे सरकार की कार्यकुशलता और जवाबदेही को जनता के सामने पेश किया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद किया गया यह विभागीय बंटवारा उत्तराखंड सरकार की रणनीति और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है, जहां मुख्यमंत्री ने प्रमुख और संवेदनशील विभागों को अपने नियंत्रण में रखकर प्रशासनिक मजबूती का संदेश दिया है।

