GDA की 350 प्लॉट योजना पर टूटा लोगों का हुजूम, एक प्लॉट के लिए 125 से ज्यादा दावेदार
"एक अनार और सौ बीमार" वाली कहावत इन दिनों गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की मधुबन बापूधाम आवासीय प्लॉट योजना पर बिल्कुल सटीक बैठती नजर आ रही है। 350 रिहायशी प्लॉटों की इस योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आवेदन की संख्या इतनी अधिक पहुंच गई है कि हर एक प्लॉट के लिए करीब 125 से ज्यादा दावेदार मैदान में हैं।
प्लॉट खरीदने की होड़
GDA की इस योजना में सीमित संख्या में उपलब्ध प्लॉटों के मुकाबले आवेदकों की संख्या कई गुना अधिक हो गई है। यही वजह है कि योजना को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग अपने सपनों का घर बनाने के लिए इस योजना में आवेदन कर रहे हैं।
350 प्लॉट, हजारों आवेदन
मधुबन बापूधाम क्षेत्र में निकाली गई इस योजना में कुल 350 आवासीय प्लॉट उपलब्ध हैं। लेकिन आवेदनकर्ताओं की संख्या इतनी अधिक है कि प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, प्रत्येक प्लॉट के लिए औसतन सवा सौ से अधिक लोग दावेदारी कर रहे हैं।
इससे साफ है कि गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में आवासीय प्लॉटों की मांग लगातार बढ़ रही है और लोग बेहतर लोकेशन पर संपत्ति खरीदने के लिए उत्सुक हैं।
मधुबन बापूधाम की बढ़ती लोकप्रियता
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि मधुबन बापूधाम क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की संभावनाओं के कारण लोगों का आकर्षण बढ़ा है। यही कारण है कि GDA की इस योजना को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।
लॉटरी के जरिए होगा आवंटन
आवेदनों की संख्या प्लॉटों से कई गुना अधिक होने के कारण आवंटन प्रक्रिया लॉटरी के माध्यम से की जाएगी। ऐसे में बड़ी संख्या में आवेदकों की किस्मत ड्रॉ पर निर्भर करेगी। जिन लोगों का नाम लॉटरी में आएगा, उन्हें प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।
GDA के लिए भी बड़ी सफलता
यह योजना GDA के लिए भी बड़ी सफलता मानी जा रही है। योजना को मिली प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि गाजियाबाद में आवासीय संपत्तियों की मांग मजबूत बनी हुई है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि भविष्य में भी इस तरह की योजनाओं को लोगों का अच्छा समर्थन मिलेगा।
फिलहाल सभी आवेदकों की नजर आगामी लॉटरी प्रक्रिया पर टिकी हुई है। हजारों लोगों को इंतजार है कि क्या उनके सपनों का प्लॉट उन्हें मिल पाएगा या नहीं। GDA की यह योजना शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।

