12 साल पुराने सड़क जाम मामले में BJP-कांग्रेस विधायकों पर शिकंजा, कोर्ट के आदेश पर गैर-जमानती वारंट जारी
करीब 12 साल पुराने एक सड़क जाम मामले में अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने भाजपा और कांग्रेस से जुड़े विधायकों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मामला वर्ष 2012 का बताया जा रहा है। उस समय एक लड़की के दूसरे समुदाय के युवक द्वारा कथित अपहरण के मामले को लेकर नेताओं और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी दौरान सड़क जाम किए जाने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया था।अब लंबे समय से चल रहे इस मामले में अदालत के निर्देश के बाद संबंधित नेताओं के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
लड़की के अपहरण के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
मामला वर्ष 2012 का है। उस समय एक लड़की के दूसरे समुदाय के युवक द्वारा कथित तौर पर अपहरण किए जाने की खबर सामने आई थी। घटना के विरोध में स्थानीय स्तर पर लोगों में नाराजगी देखने को मिली थी। इसी मुद्दे को लेकर कुछ नेताओं और उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया था।प्रदर्शन के दौरान सड़क पर जाम लगाए जाने के कारण यातायात प्रभावित हुआ था। पुलिस ने मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। समय बीतने के साथ मामला अदालत में चलता रहा, लेकिन अब कोर्ट के आदेश के बाद इसमें कार्रवाई तेज हुई है।
भाजपा और कांग्रेस के विधायक भी आरोपी
इस मामले में भाजपा और कांग्रेस से जुड़े कुछ विधायकों के नाम भी सामने आए थे। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों की उपस्थिति और कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति बनी रही। अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने संबंधित विधायकों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।गैर-जमानती वारंट जारी होने का अर्थ यह है कि पुलिस संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश कर सकती है। हालांकि, मामले में आरोप साबित होना अभी बाकी है और अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई के बाद ही होगा।
12 साल बाद फिर सुर्खियों में मामला
वर्ष 2012 में दर्ज हुआ यह मामला करीब 12 साल बाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पुराने मामलों में कानूनी प्रक्रिया लंबे समय तक चलने के कारण कई बार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई बाद के वर्षों में सामने आती है। इस मामले में भी कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने वारंट जारी किया है।पुलिस अब अदालत के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी। वहीं, संबंधित नेताओं की ओर से इस मामले में क्या कानूनी कदम उठाया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी।
कोर्ट की प्रक्रिया के तहत होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गैर-जमानती वारंट अदालत के आदेश के आधार पर जारी किए गए हैं। अब संबंधित आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मामले में आगे की कार्रवाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई और आरोपियों के पक्ष को सुनने के बाद तय होगी।इस पूरे प्रकरण में वर्ष 2012 की घटना, सड़क जाम और उसके बाद दर्ज मुकदमे से जुड़े तथ्य अब एक बार फिर सामने आए हैं। अदालत के आदेश के बाद जारी हुए वारंट ने पुराने मामले को नई चर्चा में ला दिया है।

