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गाजीपुर में बैंक कर्मचारी का फर्जीवाड़ा उजागर, बायोमेट्रिक जांच में खुली पोल

गाजीपुर में बैंक कर्मचारी का फर्जीवाड़ा उजागर, बायोमेट्रिक जांच में खुली पोल

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से बैंकिंग क्षेत्र में बड़ी लापरवाही और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। यह मामला यूको बैंक (UCO Bank) की मुख्य शाखा से जुड़ा हुआ है, जहां एक कर्मचारी लंबे समय से कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर नौकरी कर रहा था।

जानकारी के अनुसार, आरोपी कर्मचारी बीते कुछ वर्षों से बैंक में कार्यरत था और नियमित रूप से अपनी ड्यूटी कर रहा था। लेकिन हाल ही में बैंक प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की बायोमेट्रिक जांच अभियान चलाया गया, जिसमें इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

बायोमेट्रिक जांच के दौरान कर्मचारी के फिंगरप्रिंट और रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद बैंक अधिकारियों को उस पर संदेह हुआ। जांच को आगे बढ़ाने पर पता चला कि कर्मचारी की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज भी संदिग्ध हैं।

घटना के उजागर होने के बाद बैंक प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत आरोपी कर्मचारी को काम से हटा दिया गया। इसके साथ ही मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई और आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।

बैंक सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल की थी और लंबे समय तक सिस्टम को गुमराह करता रहा। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी मामले की जानकारी दे दी गई है और अलग से आपराधिक जांच शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि धोखाधड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर इतने वर्षों तक यह फर्जीवाड़ा कैसे चलता रहा और सिस्टम की नजर से कैसे बचा रहा।

फिलहाल बैंक प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है।

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