इलाज में लापरवाही का आरोप, वीडियो में जाने ITBP जवान फफक पड़े—“मां का कटा हाथ लेकर इंसाफ मांगने पहुंचा बेटा”
कानपुर से एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ITBP के जवान विकास सिंह अपनी मां के कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को स्तब्ध कर गया। विकास सिंह ने पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के सामने अपनी आपबीतीसुनाते हुए कहा, “साहब ये मेरी मां का कटा हाथ है। मैं तीन दिन से थाने, चौकी और एडीसीपी से लेकर डीसीपी ऑफिस के चक्कर काट रहा हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इंसाफ चाहिए।” यह कहते हुए वह भावुक होकर फफक पड़े।
मामला चिकित्सा लापरवाही से जुड़ा बताया जा रहा है। विकास सिंह के अनुसार उनकी मां को पेट से संबंधित समस्या थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें टाटमिल चौराहा स्थित कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इलाज के दौरान हुई लापरवाही के कारण उनकी मां के हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि हाथ को काटना पड़ा।
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि समय पर सही इलाज नहीं मिलने के कारण यह दर्दनाक स्थिति पैदा हुई।पुलिस कमिश्नर कार्यालय में जब विकास सिंह पहुंचे और उन्होंने अपनी मां का कटा हुआ हाथ दिखाया, तो वहां मौजूद अधिकारी भी कुछ क्षण के लिए स्तब्ध रह गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, कमिश्नर ने कटे हुए हाथ को सुरक्षित रूप से थर्माकोल के बॉक्स में रखवाया और मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से बातचीत की। साथ ही उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराने के आदेश दिए हैं।इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और मेडिकल लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह चिकित्सा प्रणाली पर गंभीर सवाल होगा।
वहीं, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अब पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं। अस्पताल प्रशासन की भूमिका, इलाज की प्रक्रिया और संक्रमण के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।कुल मिलाकर, यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है, जिस पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

