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रील बनाते-बनाते ISI के संपर्क में पहुंचा जैद, वीडियो में पिता बोले- ‘4 हजार देकर भेजा था, अब सब ऊपर वाले पर छोड़ा’

रील बनाते-बनाते ISI के संपर्क में पहुंचा जैद, वीडियो में पिता बोले- ‘4 हजार देकर भेजा था, अब सब ऊपर वाले पर छोड़ा’

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार हुए जैद को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। तेलंगाना पुलिस द्वारा 25 मई को गिरफ्तार किए गए जैद पर आरोप है कि उसने उत्तर प्रदेश के कई मंत्रियों और महत्वपूर्ण लोगों के मोबाइल नंबर पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाए। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही अब उसके परिवार की आर्थिक स्थिति और निजी जिंदगी को लेकर भी कई बातें सामने आ रही हैं।

जैद के पिता दिलीप खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने बेटे को जाते समय केवल 4 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद उनसे सिर्फ मोबाइल फोन पर ही बातचीत होती रही। उन्होंने बताया कि जैद दोबारा गाजियाबाद नहीं लौटा और परिवार को भी उसके कामकाज की ज्यादा जानकारी नहीं थी।

दिलीप खान ने भावुक होकर कहा, “मेरी आर्थिक हालत ठीक नहीं है। बेटे की जमानत कराना मेरे लिए मुश्किल है। अब सब ऊपर वाले पर छोड़ दिया है।” पिता के इस बयान ने पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि जैद सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और रील बनाकर लोकप्रिय होने की कोशिश करता था। इसी दौरान उसका संपर्क कथित तौर पर पाकिस्तान के ISI एजेंटों से हुआ। जांच एजेंसियों का दावा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ही उसे हैंडल किया जा रहा था और धीरे-धीरे उससे संवेदनशील जानकारियां हासिल की गईं।

सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान जैद ने कई लोगों के मोबाइल नंबर और लोकेशन साझा करने की बात कबूल की है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने किन-किन लोगों की जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाई और इसके बदले उसे क्या फायदा मिला।

तेलंगाना पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल जैद के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड की गहराई से जांच कर रही हैं। जांच अधिकारियों को शक है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जैद किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय था और किन विदेशी अकाउंट्स से उसका लगातार संपर्क था। एजेंसियों को कुछ संदिग्ध चैट और डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को टारगेट कर जासूसी गतिविधियों में फंसाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आसान पैसे, लोकप्रियता और विदेशी संपर्कों के लालच में कई युवा अनजाने में संवेदनशील सूचनाएं साझा कर बैठते हैं।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं। आने वाले दिनों में जैद से पूछताछ के आधार पर और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं उसके परिवार का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि उनका बेटा इतनी बड़ी साजिश में फंस चुका है।

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