योगी बोले- कांग्रेस को नेतृत्व बदलना चाहिए: सपा को किसानों का श्राप ले डूबा, गोरखपुर में 9.18 लाख किसानों के खातों में भेजे 493 करोड़ रुपये
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में आयोजित किसान राहत राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए और नेतृत्व में बदलाव पर विचार करना चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के हक का पैसा खाने वालों को जनता ने सबक सिखाया हैकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा के तहत 9 लाख 18 हजार से अधिक किसानों के खातों में 493 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। यह रकम बाढ़, अतिवृष्टि, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कृषि निवेश अनुदान के रूप में दी गई है। राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया।
कांग्रेस के नेतृत्व पर उठाए सवाल
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को यह समझना चाहिए कि जनता बार-बार उसे क्यों नकार रही है। उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक रुख और नेतृत्व को लेकर आत्ममंथन की जरूरत बताई। उनके बयान के मुताबिक, किसी भी राजनीतिक दल को जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता और कामकाज की समीक्षा करते रहना चाहिए।मुख्यमंत्री ने दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे प्रदर्शनों से आम लोगों को परेशानी होती है और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले राजनीतिक दलों को अपने आचरण पर विचार करना चाहिए।
सपा पर किसानों के मुद्दे को लेकर हमला
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में किसानों के हितों की अनदेखी हुई और राहत राशि के वितरण में गड़बड़ियां होती थीं। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि किसानों का पैसा खाने वालों को उनका श्राप लगा और जनता ने उन्हें नकार दिया। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आरोप है; इस पर सपा की प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। योगी ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है। उन्होंने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और आपदा के समय आर्थिक सहायता को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
9.18 लाख किसानों को 493 करोड़ रुपये की राहत
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 9,18,091 किसानों के खातों में लगभग 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की। यह सहायता हाल में हुई भारी बारिश, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए दी गई है। सरकार के अनुसार, किसानों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए नुकसान का आकलन कर सहायता वितरण की प्रक्रिया पूरी की गई। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल खराब होने पर किसानों को बीज, खाद और अगली फसल की तैयारी के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधनों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कृषि निवेश अनुदान किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद दे सकता है।
सीधे खाते में पहुंची सहायता राशि
सरकार ने सहायता वितरण में डिजिटल प्रक्रिया और डीबीटी पर जोर दिया। इसके जरिए पात्र किसानों को राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। इससे भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया गया है।गोरखपुर के इस कार्यक्रम में एक ओर किसानों को आर्थिक राहत दी गई, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयानों से कांग्रेस और सपा पर निशाना साधा गया। अब इन बयानों पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और किसान सहायता के वास्तविक वितरण को लेकर आगे की स्थिति पर नजर रहेगी।

