राहुल गांधी के ‘मनुस्मृति की बेड़ियों’ वाले बयान पर योगी का पलटवार, वीडियो में बोले- देश को कोसना अधिकार समझते हैं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के महिलाओं की आजादी और मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार किया है। सोमवार को रायबरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह देश को कोसना अपना अधिकार समझते हैं और अर्बन नक्सलियों के हाथों देश को बर्बाद करना चाहते हैं। योगी ने कहा कि अगर राहुल गांधी मनुस्मृति को समझना चाहते हैं तो उन्हें अथर्ववेद पढ़ना चाहिए।
राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की आजादी, उनकी पहचान और पितृसत्ता के मुद्दे पर करीब एक घंटा 16 मिनट तक बात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि किसी महिला की पहचान उसके पिता, पति या बेटे से नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसकी अपनी स्वतंत्र पहचान होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मनुस्मृति का भी जिक्र किया था। उन्होंने महिलाओं को पिता, पति या बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया था। इसी बयान पर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है। योगी ने राहुल गांधी की सोच पर सवाल उठाते हुए उन्हें भारतीय परंपरा और ग्रंथों को समझने की सलाह दी।
रायबरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गांधी देश को कोसना अपना अधिकार समझते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अर्बन नक्सलियों के हाथों देश को बर्बाद करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में मनुस्मृति और भारतीय परंपरा को समझना चाहते हैं तो उन्हें अथर्ववेद का अध्ययन करना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ सोमवार को रायबरेली में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राणा बेनी माधव बख्श सिंह की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए सभागार का लोकार्पण किया। राणा बेनी माधव बख्श सिंह को स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानियों में गिना जाता है और उन्हें ‘अवध केसरी’ के नाम से भी जाना जाता है।
कार्यक्रम का आयोजन राणा बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती के अवसर पर किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया और कहा कि ऐसे महान सेनानियों का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अनेक वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया और उनके योगदान को याद रखना समाज की जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी के बयान और योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया के बाद मनुस्मृति, महिलाओं की स्वतंत्र पहचान और भारतीय सामाजिक व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। दोनों नेताओं के बयानों से साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक मंचों पर भी चर्चा का विषय बना रह सकता है।

