बदायूं में चार बच्चों को जन्म देने वाली महिला की मौत, ऑपरेशन से हुई थीं तीन बेटियां और एक बेटा
उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक साथ चार बच्चों को जन्म देने वाली महिला की बुधवार को मौत हो गई। महिला ने मंगलवार रात ऑपरेशन के जरिए तीन बेटियों और एक बेटे को जन्म दिया था। इनमें एक बच्ची मृत पैदा हुई थी। प्रसव के कुछ घंटे बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। वहां बुधवार को उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। एक तरफ चार बच्चों के जन्म की खबर से परिवार में खुशी का माहौल था, वहीं कुछ ही घंटों बाद महिला की हालत बिगड़ने और फिर मौत होने से परिजन सदमे में हैं।
ऑपरेशन से चार बच्चों को दिया था जन्म
जानकारी के अनुसार, महिला ने मंगलवार रात ऑपरेशन के जरिए चार बच्चों को जन्म दिया था। इनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल थे। हालांकि, जन्म के समय ही एक बच्ची की मौत हो गई थी। बाकी बच्चों की स्थिति को लेकर उपलब्ध जानकारी में विस्तृत मेडिकल अपडेट नहीं दिया गया है।
चार बच्चों का एक साथ जन्म होना परिवार के लिए बड़ी घटना थी। लेकिन प्रसव के कुछ घंटे बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बरेली के निजी अस्पताल भेजने का निर्णय लिया।
हालत बिगड़ने पर बरेली किया गया रेफर
प्रसव के बाद महिला की हालत अचानक खराब हो गई। इसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए बरेली रेफर किया गया। परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद बुधवार को उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। नवजात बच्चों के जन्म के तुरंत बाद मां को खोने से परिवार के सामने भावनात्मक और देखभाल से जुड़ी मुश्किलें भी खड़ी हो गई हैं।
मौत की वजह स्पष्ट नहीं
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में महिला की मौत की वास्तविक वजह का खुलासा नहीं हुआ है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रसव के बाद उसे किस तरह की चिकित्सकीय जटिलता हुई थी और बरेली के अस्पताल में इलाज के दौरान क्या स्थिति रही।
मामले में महिला की उम्र, गांव, अस्पताल का नाम और चिकित्सकों की ओर से बताई गई मौत की वजह की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मौत का कारण बिना मेडिकल रिकॉर्ड या आधिकारिक जानकारी के बताना उचित नहीं होगा।
इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब नवजात बच्चों की देखभाल और स्वास्थ्य को लेकर भी परिजनों की चिंता बढ़ गई है।

