हैसियत से अधिक दहेज मांगने पर शादी से किया इनकार, युवती को बदनाम करने के लिए अश्लील वीडियो किए वायरल
दहेज प्रताड़ना और साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी हैसियत से अधिक दहेज की मांग पूरी न होने पर शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने बदले की भावना से युवती को बदनाम करने के लिए उसके अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिए। पीड़ित युवती ने इस मामले में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी आरोपी युवक से तय हुई थी। दोनों परिवारों के बीच बातचीत के दौरान युवक और उसके परिजनों ने दहेज के रूप में महंगे सामान और नकदी की मांग रखी। युवती के परिवार ने स्पष्ट कर दिया कि वे इतनी बड़ी मांग पूरी करने की स्थिति में नहीं हैं। इसके बाद आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया और संपर्क तोड़ लिया।
पीड़िता का आरोप है कि शादी टूटने के कुछ समय बाद आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके अश्लील वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करना शुरू कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद युवती को मानसिक तनाव, सामाजिक बदनामी और डर का सामना करना पड़ रहा है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी लगातार उसे धमकियां भी दे रहा है और वीडियो हटाने के बदले पैसों की मांग कर रहा है।
इस मामले से आहत होकर युवती ने साहस जुटाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर दहेज प्रताड़ना, साइबर अपराध, आईटी एक्ट और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने निजी वीडियो का गलत इस्तेमाल कर युवती को ब्लैकमेल और बदनाम करने की कोशिश की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। आरोपी के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो कहां-कहां शेयर किए गए हैं।
इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि दहेज मांगना कानूनन अपराध है और इसके साथ-साथ किसी महिला की निजी तस्वीरें या वीडियो वायरल करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस तरह के मामलों में आरोपी पर दहेज प्रतिषेध अधिनियम के साथ-साथ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत कठोर सजा का प्रावधान है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो आरोपी को जेल के साथ भारी जुर्माना भी भुगतना पड़ सकता है।
महिला अधिकार संगठनों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा है कि दहेज और डिजिटल उत्पीड़न आज भी समाज की बड़ी समस्या बने हुए हैं। उन्होंने पीड़िताओं से अपील की है कि वे डरें नहीं और ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस और साइबर सेल से संपर्क करें।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि दहेज और महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों पर कानून की सख्त नजर है।

