गंगा में छलांग लगाने के 14 घंटे बाद जिंदा मिली महिला, 35 KM दूर मछुआरों ने बचाया
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गंगा की तेज धारा में छलांग लगाने वाली एक महिला करीब 14 घंटे बाद जिंदा बरामद हुई। महिला पूरी रात गंगा की तेज धार में बहती रही और करीब 35 किलोमीटर दूर पहुंच गई। सुबह गंगा में मछली पकड़ रहे मछुआरों की नजर महिला पर पड़ी। उन्होंने तत्काल उसे पानी से बाहर निकाला और उसकी जान बचाई।
जानकारी के मुताबिक, महिला ने मिर्जापुर में गंगा नदी में छलांग लगा दी थी। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों में हड़कंप मच गया। महिला के नदी में बह जाने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। स्थानीय स्तर पर काफी खोजबीन के बावजूद उसका तत्काल पता नहीं चल सका।
बताया जा रहा है कि गंगा में पानी का बहाव काफी तेज था। महिला बहते हुए नदी की धारा के साथ करीब 35 किलोमीटर दूर तक पहुंच गई। रातभर वह पानी में बहती रही। इसके बावजूद उसने किसी तरह खुद को संभाले रखा। अगले दिन मछली पकड़ने के लिए नदी में मौजूद मछुआरों की नजर महिला पर पड़ी।
मछुआरों ने महिला को गंगा में बहते हुए देखा तो वे तुरंत उसकी ओर बढ़े। उन्होंने किसी तरह महिला को नदी से बाहर निकाला। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर लाया गया। महिला के जिंदा मिलने की सूचना मिलते ही परिवार और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली।
करीब 14 घंटे तक गंगा की तेज धारा में बहने के बाद महिला के जीवित मिलने की खबर इलाके में तेजी से फैल गई। लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। हालांकि, महिला इतने लंबे समय तक नदी में किस तरह बची रही और किन परिस्थितियों में वह 35 किलोमीटर दूर तक पहुंची, यह अपने आप में बड़ा सवाल है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की जानकारी जुटाई। महिला को बाहर निकालने वाले मछुआरों की भूमिका भी बेहद अहम रही। अगर समय रहते उनकी नजर महिला पर नहीं पड़ती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
गंगा में तेज बहाव के दौरान नदी में उतरना या छलांग लगाना बेहद जोखिम भरा माना जाता है। खासकर बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने और धारा तेज होने के कारण खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से भी लोगों को नदी के किनारे सावधानी बरतने और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
फिलहाल महिला के सुरक्षित मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है। मिर्जापुर की यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और महिला को बचाने वाले मछुआरों की सूझबूझ की भी लोग सराहना कर रहे हैं।

