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कौन है मुंबई का माफिया जिससे मॉडल श्रद्धा दुबे का है कनेक्शन, डी कंपनी की तरह कामकाज
 

कौन है मुंबई का माफिया जिससे मॉडल श्रद्धा दुबे का है कनेक्शन, डी कंपनी की तरह कामकाज

श्रद्धा के संबंध मुंबई के कुख्यात माफिया और 'Z-गैंग' के सरगना जुल्फिकार यासीन बेहलिम—जिसे 'जुल्फी' के नाम से भी जाना जाता है—से हैं। यह गिरोह ड्रग तस्करी, अपहरण और जबरन वसूली (रंगदारी) जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। पुलिस जांच के दौरान यह बात सामने आई है। फिलहाल, पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) इस बात की जांच कर रही हैं कि श्रद्धा के जुल्फिकार के गिरोह के साथ किस तरह के संबंध हैं। इस बीच, लखनऊ के 'अवध ग्रीन अपार्टमेंट्स' का वह फ्लैट—जहां से गिरकर व्यवसायी शिव शर्मा की मौत हो गई थी—शादाब और इशाक खान के नाम पर रजिस्टर्ड है। शिव की मां ने पहले आरोप लगाया था कि श्रद्धा ने उनके बेटे को धमकाने के लिए माफियाओं के नामों का इस्तेमाल किया था; अब सामने आए ये नए तथ्य उनके दावों को सही साबित करते नजर आते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुल्फिकार यासीन मुंबई का एक कुख्यात गैंगस्टर है, जिसका नेटवर्क मीरा रोड और बांद्रा इलाकों तक फैला हुआ है। वह अपने भाई मोहसिन बेहलिम और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर जबरन वसूली, अपहरण और ड्रग तस्करी जैसी आपराधिक वारदातों को अंजाम देता है। जुल्फिकार का नाम 2016 में सांताक्रूज में हुए दोहरे हत्याकांड और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में भी आ चुका है। जुलाई 2016 में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने जुल्फिकार, उसके भाई और गिरोह के 10 अन्य सदस्यों को एक बिल्डर से 25 लाख रुपये की रंगदारी वसूलते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।

**मुंबई में 'D-कंपनी' की तरह काम करता है 'Z-गैंग'**
'Z-गैंग' मुंबई में बिल्कुल 'D-कंपनी' की तर्ज पर काम करता है। इस गिरोह का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें मुख्य रूप से व्यापारियों और बिल्डरों को डरा-धमकाकर उनसे पैसे वसूलना शामिल है। इसके अलावा, यह गिरोह कई राज्यों में बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी में शामिल है और विभिन्न क्लबों में भी सक्रिय रहता है।

**मुंबई के एक क्लब में हुई थी श्रद्धा दुबे और जुल्फिकार की मुलाकात**
माना जाता है कि श्रद्धा और जुल्फिकार की पहली मुलाकात मुंबई के एक क्लब में हुई थी, जिसके बाद उनके बीच दोस्ती हो गई। श्रद्धा अक्सर मुंबई आती-जाती रहती थी; जब भी वह वहां जाती थी, तो ज़ुल्फ़िकार से मिलती थी। पुलिस उपायुक्त (मध्य) अर्पित विजयवर्गीय के अनुसार, ऐसी जानकारी सामने आई है कि श्रद्धा 'ज़ुल्फ़िकार गैंग' से जुड़ी हुई थी। पुलिस की एक टीम फिलहाल उसे 'ट्रांजिट रिमांड' पर वापस ला रही है। इन मामलों को लेकर उससे पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

'अवध ग्रीन अपार्टमेंट्स' का वह फ्लैट, जहां श्रद्धा दुबे रहती थी, शादाब और इशाक खान के नाम पर रजिस्टर्ड है। नगर निगम की जांच के दौरान यह बात सामने आई। संपत्ति के हाउस टैक्स के निर्धारण (असेसमेंट) में भी गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच से पता चला है कि 2015 में, हाउस टैक्स तय करने के उद्देश्य से श्रद्धा दुबे से जुड़े दो अलग-अलग फ्लैटों को मिलाकर एक कर दिया गया था। रिकॉर्ड में, ये फ्लैट शादाब और इशाक खान के नाम पर दर्ज हैं। अब इस संपत्ति के हाउस टैक्स का फिर से मूल्यांकन किया जाएगा।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में मौजूद फ्लैट नंबर 04-C और 04-D को मिलाकर एक 'हाउस ID' (9157G 408 44) बना दी गई थी। आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान, संपत्ति के सालाना किराये के मूल्य (एनुअल रेंटल वैल्यू) को जानबूझकर कम दिखाया गया, जिससे दोनों फ्लैटों का कुल सालाना हाउस टैक्स केवल ₹1,944 हो गया। असल में, अगर इन दोनों यूनिट्स का टैक्स सही तरीके से तय किया जाता, तो सालाना टैक्स की रकम इस आंकड़े से चार गुना से भी ज़्यादा होती।

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