योगी सरकार ने कल देर रात 33 आईएएस अफसरों का तबादला कर दिया है। इस तबादला सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम शिशिर का है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे करीबी अधिकारियों में गिने जाते हैं। शिशिर से सूचना विभाग छीनकर उन्हें एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। आइए जानते हैं आईएएस शिशिर को लाइमलाइट से दूर रखने के पीछे की अंदरूनी कहानी क्या है?
सबसे पहले जानिए कौन हैं आईएएस शिशिर? यूपी के बलिया जिले के रहने वाले शिशिर 2019 बैच के प्रमोटेड आईएएस अधिकारी हैं। 28 मई 2017 को उन्हें भाषा विभाग का विशेष सचिव तथा हिंदी संस्थान-सूचना-संस्कृति विभाग का निदेशक बनाया गया। 2019 में उन्हें संस्कृति विभाग में विशेष सचिव और सूचना विभाग में निदेशक बनाया गया। वह लगभग 7 वर्षों तक सूचना विभाग के प्रभारी रहे। शिशिर 2027 में सेवानिवृत्त होंगे।
आशीष पटेल ने शिशिर के खिलाफ खोला मोर्चा
हाल ही में योगी सरकार के ताकतवर मंत्री आशीष पटेल ने आईएएस शिशिर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। आशीष पटेल ने आईएएस शिशिर पर अपने विभाग में कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में साजिश रचने का आरोप लगाया। मंत्री आशीष पटेल ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक कई बड़े नेताओं से इसकी शिकायत भी की थी। आशीष पटेल भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति हैं।
दरअसल, सपा विधायक पल्लवी पटेल ने आशीष पटेल पर तकनीकी शिक्षा विभाग में नियुक्ति में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। आशीष पटेल ने कहा कि पल्लवी पटेल सिर्फ एक चेहरा हैं; इसके पीछे पूरी साजिश सूचना विभाग के निदेशक शिशिर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने रची है। आशीष पटेल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट लिखकर शिशिर के खिलाफ औपचारिक रूप से मोर्चा खोल दिया और दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से उनकी शिकायत की।
7 साल तक एक ही पद पर रहे IAS शिशिर
आशीष पटेल के विरोध के बावजूद आईएएस शिशिर सूचना विभाग में निदेशक पद पर बने रहे। इसका सबसे बड़ा कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आईएएस शिशिर पर भरोसा बताया जा रहा है। आपको बता दें कि सीएम योगी ने सूचना विभाग अपने पास रखा है और आईएएस शिशिर 7 साल तक इस विभाग के बेताज बादशाह रहे, लेकिन लगातार एक ही पद पर बने रहने के कारण कई नौकरशाह उन्हें पसंद नहीं करते थे।
सूचना विभाग के बजट पर सवाल उठे हैं।
पिछले 7 वर्षों में सूचना विभाग यूपी सरकार का सबसे ताकतवर विभाग बन गया है। इस विभाग के माध्यम से सरकार ने अपने काम को बढ़ावा देने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए। सूचना विभाग के इस खर्च को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लेकर योगी सरकार के मंत्री आशीष पटेल तक सभी ने सूचना विभाग के बजट के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया है। आशीष पटेल ने यहां तक कहा कि सूचना विभाग के बजट के जरिए उनके खिलाफ झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं।

