'जब बंगाल का रिजल्ट आया तो वह 4 घंटे बेहोश बैठे थे', ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर किया तीखा प्रहार
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच सुभासपा प्रमुख Om Prakash Rajbhar ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष Akhilesh Yadav पर तीखा हमला बोला है। ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि “जब बंगाल का रिजल्ट आया तो वह चार घंटे तक बेहोश बैठे थे।” राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
मीडिया से बातचीत के दौरान राजभर ने कहा कि बंगाल चुनाव परिणाम ने कई विपक्षी नेताओं की राजनीतिक रणनीति को झटका दिया है। उन्होंने बिना किसी नरमी के अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेता सिर्फ सोशल मीडिया और एसी कमरों की राजनीति करते हैं, जबकि जमीनी हकीकत से दूर रहते हैं।
राजभर ने कहा, “बंगाल के नतीजे आने के बाद हालत ऐसी हो गई थी कि कई नेताओं को समझ ही नहीं आया कि जनता ने उन्हें क्यों नकार दिया। अखिलेश यादव चार घंटे तक बेहोश बैठे रहे।” हालांकि उन्होंने यह बयान राजनीतिक तंज के तौर पर दिया या किसी वास्तविक घटना का जिक्र किया, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
सुभासपा प्रमुख ने आगे कहा कि राजनीति में सिर्फ गठबंधन और ट्वीट करने से काम नहीं चलता। जनता के बीच जाकर संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि जो नेता जमीन पर सक्रिय नहीं रहते, जनता उन्हें चुनाव में जवाब दे देती है।
राजभर के इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सपा के कुछ नेताओं ने ऑफ रिकॉर्ड इस बयान को “सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश” बताया है। उनका कहना है कि अखिलेश यादव लगातार जनता के मुद्दे उठा रहे हैं और विपक्ष की मजबूत आवाज बने हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओमप्रकाश राजभर के बयान का सीधा संबंध उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों से है। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के रिश्तों में तल्खी बढ़ी है और बयानबाजी भी लगातार तीखी होती जा रही है।
वहीं सोशल मीडिया पर भी राजभर का बयान तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे राजनीतिक व्यंग्य बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे व्यक्तिगत टिप्पणी मानकर आलोचना कर रहे हैं। राजनीतिक समर्थकों के बीच भी बयान को लेकर बहस छिड़ गई है।
बंगाल चुनाव परिणाम के बाद विपक्षी राजनीति में मंथन का दौर जारी है। कई क्षेत्रीय दल अब अपनी रणनीतियों की समीक्षा कर रहे हैं। ऐसे समय में राजभर का यह बयान विपक्षी एकता और राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।
फिलहाल इस बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया आने के बाद यह सियासी विवाद और गहरा सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह की बयानबाजी आगे और तेज हो सकती है।

