गंदगी और मक्खियों के बीच बन रही थीं सेवईं-नूडल्स, भिंड में बिना लाइसेंस चल रही फैक्ट्री सील
मध्य प्रदेश के भिंड में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे कारखाने का खुलासा किया है, जहां बेहद गंदे और अस्वच्छ माहौल में सेवईं और नूडल्स तैयार किए जा रहे थे। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री के आसपास गंदगी और मक्खियां दिखाई दीं। कारखाना बिना जरूरी लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से बड़ी मात्रा में मैदा और तैयार सेवईं जब्त कर कारखाने को सील कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, खाद्य विभाग की टीम को कारखाने में खाद्य पदार्थों के निर्माण और पैकिंग में नियमों की अनदेखी की शिकायत मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। निरीक्षण के दौरान वहां सेवईं और नूडल्स तैयार किए जा रहे थे। जिस जगह पर उत्पादन का काम चल रहा था, वहां साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली।
कारखाने में खाद्य पदार्थ खुले वातावरण में रखे हुए थे और आसपास मक्खियां मंडरा रही थीं। फर्श और उत्पादन क्षेत्र में भी गंदगी मिली। ऐसे वातावरण में खाद्य सामग्री तैयार किए जाने से उसकी गुणवत्ता और लोगों की सेहत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
200 कट्टे मैदा और 50 कार्टन सेवईं जब्त
जांच के दौरान अधिकारियों ने कारखाने में रखा करीब 200 कट्टे मैदा और 50 कार्टन सेवईं जब्त की हैं। टीम ने तैयार उत्पाद और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के संबंध में भी जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है।
खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद कारखाना संचालक में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने के लिए निर्धारित नियमों और लाइसेंस का पालन करना जरूरी है। बिना लाइसेंस उत्पादन करने और स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पैकिंग और गुणवत्ता पर भी सवाल
कारखाने में केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि तैयार सेवईं और नूडल्स की पैकिंग से जुड़े इंतजामों की भी जांच की गई। खाद्य विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यहां तैयार होने वाला सामान किन इलाकों में और किन दुकानों के माध्यम से बेचा जा रहा था। यदि जांच में खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि लोगों को खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, लाइसेंस संबंधी जानकारी और पैकिंग की स्थिति जरूर देखनी चाहिए। खुले या संदिग्ध परिस्थितियों में तैयार किए गए खाद्य पदार्थों से बचना जरूरी है।
भिंड में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य कारोबारियों के बीच भी हलचल पैदा कर दी है। विभाग की ओर से आने वाले दिनों में अन्य खाद्य निर्माण इकाइयों और दुकानों की जांच किए जाने की संभावना है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सके। घटना से एक बार फिर साफ हुआ है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण में साफ-सफाई और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन कितना जरूरी है।

