Samachar Nama
×

उत्तर प्रदेश: ड्राफ्ट लिस्ट जारी, सियासी पारा हाई; योगी आदित्यनाथ ने कटे नामों की सही ढंग से शामिल करने का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश: ड्राफ्ट लिस्ट जारी, सियासी पारा हाई; योगी आदित्यनाथ ने कटे नामों की सही ढंग से शामिल करने का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद सियासी पारा अचानक हाई हो गया है। राज्य के कई जिलों से शिकायतें सामने आ रही हैं कि भारी संख्या में वोटर्स की नामांकन सूची से नाम कटे हुए हैं। विपक्षी दल इस पर भारी नाराजगी जताते हुए इसे भ्रष्टाचार और सत्ताधारी पार्टी की साजिश बता रहे हैं। वहीं, सत्तारुढ़ पार्टी को चिंता है कि उनके अपने समर्थक और प्रमुख वोटर्स ही लिस्ट से बाहर रह गए हैं।

इस स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फुल फॉर्म में प्रशासन और चुनाव अधिकारियों से संपर्क कर सभी कटे हुए नामों को सही तरीके से सूची में शामिल कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनदेखी सहनीय नहीं है।

विपक्ष का आरोप और राजनीतिक तापमान
विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य सरकार और प्रशासन की अशुद्ध ड्राफ्ट लिस्ट तैयार करने में चूक या जानबूझकर भेदभाव किया गया है। उनका कहना है कि यह सीधे तौर पर चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की स्थिति में राजनीतिक तनाव बढ़ना स्वाभाविक है, क्योंकि कटे हुए नाम न केवल वोटर्स की संख्या पर असर डालते हैं, बल्कि जनता के बीच भरोसा और साख को भी प्रभावित करते हैं।

सत्तारुढ़ पार्टी की चिंता और कार्रवाई
सत्तारुढ़ पार्टी की चिंता यह है कि यदि उनके प्रमुख वोटर्स की सूची से नाम बाहर रह गए, तो चुनाव में संभावित नुकसान हो सकता है। इसीलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत निर्देश जारी कर दिए और सभी अधिकारियों से कहा कि वे कटे हुए नामों की सटीक जांच और सूची में समावेश सुनिश्चित करें।

चुनावी अधिकारियों की तैयारी
चुनावी अधिकारियों ने भी कहा है कि उन्होंने राज्यभर में ड्राफ्ट लिस्ट की दोबारा समीक्षा शुरू कर दी है। लोगों को अपने नामों की जांच करने और यदि कोई नाम गायब है तो उसे जोड़वाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।

जनता और मतदाता जागरूकता
विशेषज्ञों का कहना है कि मतदाता को चाहिए कि वे ड्राफ्ट लिस्ट की सावधानीपूर्वक जांच करें और अपने नाम के साथ किसी भी त्रुटि की सूचना दें। यह प्रक्रिया केवल लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।

Share this story

Tags