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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेश किया 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट, 'इमर्जिंग यूपी' पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेश किया 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट, 'इमर्जिंग यूपी' पर जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। बजट की थीम ‘इमर्जिंग यूपी’ रखी गई है, जिसमें राज्य के आर्थिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बजट न केवल विकासोन्मुख है, बल्कि आगामी चुनाव में भाजपा की हैट-ट्रिक की राह को भी आसान बनाने का प्रयास माना जा रहा है।

बजट में अवस्थापना विकास और उभरती तकनीक को प्रमुख स्थान दिया गया है। डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप्स के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना पर जोर दिया गया है। बजट में युवा, महिला और किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। युवाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और स्टार्टअप समर्थन योजनाओं का विस्तार किया गया है। महिलाओं के लिए स्वरोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है, जबकि किसानों के लिए सिंचाई, फसल बीमा और कृषि उत्पादकता बढ़ाने वाले उपायों को शामिल किया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बजट लोक-लुभावनी घोषणाओं के बजाय वास्तविक निवेश और रोजगार सृजन पर केंद्रित है। इसमें नए औद्योगिक पार्क, इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया है। इससे राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने और रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बजट भाजपा के राजनीतिक आधार को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। बजट में ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं पर निवेश से राज्य की जनता के जीवन स्तर में सुधार होगा, जिससे पार्टी का जन समर्थन बढ़ने की संभावना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही हर वर्ग के नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगा। उन्होंने जोर दिया कि बजट की प्राथमिकता न केवल बड़े निवेश और उद्योग लगाने की है, बल्कि गरीब, किसान और महिला सशक्तिकरण के उपायों पर भी है।

बजट में डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, ग्रामीण आधारभूत संरचना, सिंचाई और जल संसाधन, स्वास्थ्य सेवाएं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई प्रावधान किए गए हैं। इन पहलों से न केवल निवेश आकर्षित होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बजट का दीर्घकालिक प्रभाव उत्तर प्रदेश के विकास, रोजगार सृजन और राजनीतिक स्थिरता पर देखने को मिलेगा। निवेश और रोजगार पर केंद्रित यह बजट प्रदेश को तेजी से आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास है।

अंततः, योगी आदित्यनाथ का यह बजट ‘इमर्जिंग यूपी’ की थीम पर आधारित है, जिसमें विकास, रोजगार, निवेश और सामाजिक सुधार को संतुलित रूप से प्रस्तुत किया गया है। यह न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देगा, बल्कि आगामी चुनाव में भाजपा के लिए भी रणनीतिक लाभ सुनिश्चित कर सकता है।

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