SSC GD परीक्षा में सर्वर फेल होने पर बवाल, छात्रों ने तोड़े कंप्यूटर-कुर्सियां; फुटेज में देंखे प्रयागराज-वाराणसी हाईवे भी जाम
Prayagraj में मंगलवार को SSC GD भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा देखने को मिला। परीक्षा केंद्रों पर अचानक सर्वर फेल होने से नाराज परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्रों ने परीक्षा केंद्र के अंदर रखे कंप्यूटर, कुर्सियां और अन्य सामान तोड़ना शुरू कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि छात्रों ने नारेबाजी करते हुए प्रयागराज-वाराणसी हाईवे तक जाम कर दिया।बताया जा रहा है कि परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद ही तकनीकी समस्या के कारण सर्वर ठप हो गया, जिससे कई छात्रों की परीक्षा प्रभावित हुई। लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं होने पर परीक्षार्थी भड़क उठे। परीक्षा केंद्रों के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ छात्रों ने क्लासरूम में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे में हालात पर काबू पाया और हाईवे जाम को खुलवाया। इस दौरान यातायात भी प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।प्रशासन के मुताबिक हंगामे के बाद मंगलवार की परीक्षा रद्द कर दी गई है। परीक्षा केंद्रों पर कई कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तोड़फोड़ करने वाले छात्रों की पहचान की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जिन छात्रों ने सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं परीक्षा आयोजन से जुड़ी एजेंसियों ने तकनीकी टीम को बुलाकर सर्वर फेल होने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।सूत्रों के अनुसार परीक्षा शेड्यूल को दोबारा तय करने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि प्रभावित छात्रों को फिर से परीक्षा देने का मौका मिल सके। हालांकि अभी नई तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी समस्याओं को लेकर छात्रों में लगातार नाराजगी देखने को मिल रही है। कई छात्रों का कहना है कि लंबे समय की तैयारी और दूर-दराज से परीक्षा देने पहुंचने के बाद इस तरह की गड़बड़ी से उनका भविष्य प्रभावित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन परीक्षाओं में मजबूत तकनीकी व्यवस्था बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी तकनीकी खामी भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है। फिलहाल प्रयागराज की यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में बनी हुई है और छात्र परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

