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UP TGT Exam Fraud: बरेली में दूसरे की जगह परीक्षा दे रहा युवक गिरफ्तार, डेढ़ लाख में हुआ था सौदा

UP TGT Exam Fraud: बरेली में दूसरे की जगह परीक्षा दे रहा युवक गिरफ्तार, डेढ़ लाख में हुआ था सौदा

उत्तर प्रदेश टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) भर्ती परीक्षा के दौरान बरेली में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। इस्लामिया गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे एक युवक को बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान प्रमोद के रूप में हुई है, जिसने पूछताछ में डेढ़ लाख रुपये लेकर परीक्षा देने की बात स्वीकार की है।

बायोमेट्रिक जांच में खुली पोल

परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान प्रमोद की पहचान संदिग्ध लगी। जांच करने पर पता चला कि वह वास्तविक अभ्यर्थी नहीं है और किसी अन्य उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने पहुंचा था।

डेढ़ लाख रुपये में हुआ था सौदा

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने डेढ़ लाख रुपये लेकर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने का सौदा किया था। इस खुलासे के बाद भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय सॉल्वर गैंग के नेटवर्क पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

सॉल्वर गैंग की भूमिका की जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी तक पहुंच किसने बनाई और पूरे फर्जीवाड़े के पीछे कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसके पीछे संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है, जो पैसे लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाता है।

असली अभ्यर्थी की तलाश

पुलिस उस उम्मीदवार की भी पहचान कर रही है जिसकी जगह प्रमोद परीक्षा देने आया था। इसके अलावा सौदे में शामिल बिचौलियों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

तकनीक से पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

अधिकारियों का कहना है कि बायोमेट्रिक सत्यापन और आधुनिक निगरानी व्यवस्था के कारण ऐसे मामलों का समय रहते खुलासा हो रहा है। इससे भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने में मदद मिल रही है।

कड़ी कार्रवाई की तैयारी

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा में प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन), नकल या किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है। इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े और सॉल्वर गैंग की गतिविधियों को उजागर कर दिया है।

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