यूपी की सियासत गरमाई: BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, ‘जाति-विशेष आयोग’ का आरोप
उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के ‘पीडीए ऑडिट’ को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) का स्वरूप बदल गया था और वह “लोक सेवा आयोग” नहीं बल्कि एक “जाति-विशेष सेवा आयोग” बन गया था।
पंकज चौधरी का बयान और आरोप
पंकज चौधरी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के समय भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं थी और चयन प्रणाली पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में योग्यता के बजाय जातीय समीकरणों और राजनीतिक प्रभाव के आधार पर भर्तियों पर असर पड़ता था।
उन्होंने कहा, “सपा के शासन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की विश्वसनीयता कमजोर हुई थी। उस समय आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे और यह आरोप भी लगे कि इसे एक विशेष वर्ग के प्रभाव में चलाया गया।”
‘पीडीए ऑडिट’ पर पलटवार
अखिलेश यादव द्वारा हाल ही में किए गए ‘पीडीए ऑडिट’ पर पलटवार करते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि यह केवल राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश है। उनके अनुसार, भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में भर्तियां समयबद्ध तरीके से हो रही हैं और चयन प्रक्रिया में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाता।
सपा की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल समाजवादी पार्टी की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले समय में यूपी की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।
राजनीतिक माहौल और असर
उत्तर प्रदेश में पहले से ही राजनीतिक तापमान काफी ऊंचा है। चुनावी रणनीतियों और बयानों के बीच दोनों प्रमुख दल—भाजपा और सपा—लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे बयान केवल राजनीतिक टकराव को नहीं बढ़ाते, बल्कि मतदाताओं के बीच धारणा बनाने की कोशिश भी होते हैं, खासकर जब चुनावी माहौल नजदीक हो।

