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UP News: CSA यूनिवर्सिटी के छात्रों को 19 साल बाद मिली रेलवे किराए में 50% छूट, कुलपति की पहल लाई रंग

UP News: CSA यूनिवर्सिटी के छात्रों को 19 साल बाद मिली रेलवे किराए में 50% छूट, कुलपति की पहल लाई रंग

उत्तर प्रदेश के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA यूनिवर्सिटी), कानपुर के छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। करीब 19 साल बाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को रेलवे किराए में 50 प्रतिशत छूट की सुविधा फिर से मिल गई है। इस सुविधा के शुरू होने से छात्र-छात्राओं में खुशी का माहौल है।

रेलवे किराए में मिलने वाली इस छूट से खासतौर पर दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलेगी। छात्रों का कहना है कि यात्रा खर्च कम होने से उन्हें काफी मदद मिलेगी और पढ़ाई से जुड़े कामों के लिए आने-जाने में सुविधा होगी।

कुलपति की पहल से दोबारा शुरू हुई सुविधा

बताया जा रहा है कि इस सुविधा को दोबारा शुरू कराने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति ने पहल की थी। कुलपति ने कहा कि जब वह खुद छात्र थे, तब विद्यार्थियों को रेलवे किराए में छूट की सुविधा मिलती थी, लेकिन बाद में यह सुविधा बंद हो गई थी।

कुलपति ने पद संभालने के बाद छात्रों की इस समस्या को समझा और रेलवे से संपर्क कर इस सुविधा को फिर से शुरू कराने की दिशा में प्रयास किए। उनकी पहल के बाद अब छात्रों को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है।

छात्रों को मिलेगी आर्थिक राहत

विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कई छात्र अलग-अलग जिलों और राज्यों से आते हैं। ऐसे में उन्हें घर जाने या अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए ट्रेन से यात्रा करनी पड़ती है। रेलवे किराए में 50 प्रतिशत छूट मिलने से छात्रों का यात्रा खर्च काफी कम हो जाएगा।

छात्र-छात्राओं ने इस फैसले का स्वागत किया है और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताया है। उनका कहना है कि यह सुविधा उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगी।

छात्र हित में महत्वपूर्ण कदम

शिक्षण संस्थानों में छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होती है। रेलवे किराए में छूट जैसी सुविधा विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करती है।

CSA यूनिवर्सिटी प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सुविधाएं छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेंगी।

19 साल बाद शुरू हुई यह सुविधा अब विश्वविद्यालय के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए राहत लेकर आई है। विद्यार्थियों को उम्मीद है कि भविष्य में भी उनके हित से जुड़े ऐसे फैसले लिए जाते रहेंगे।

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