यूपी आर्थिक समीक्षा 2025-26: राज्य सौर और हरित ऊर्जा में बना रहा वैश्विक पहचान
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री द्वारा विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत आर्थिक समीक्षा 2025-26 में राज्य के ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति का खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश अब स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई वैश्विक पहचान बना रहा है।
समीक्षा में रेखांकित किया गया है कि सौर ऊर्जा नीति-2022 और जैव ऊर्जा नीति के ठोस परिणामों के चलते प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में न केवल सौर और जैव ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
वित्त मंत्री ने बताया कि नीति निर्माण और कार्यान्वयन में पारदर्शिता, निवेश प्रोत्साहन और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दी गई है। इसके चलते प्रदेश में नवीन ऊर्जा परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल उद्योग, कृषि और नागरिक क्षेत्रों में स्थायी और स्वच्छ ऊर्जा सुनिश्चित करेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि सौर और जैव ऊर्जा की दिशा में राज्य की यह पहल ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण तीनों क्षेत्रों में लंबी अवधि में लाभदायक साबित होगी। इसके साथ ही, प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरित ऊर्जा मॉडल राज्य के रूप में पहचाना जाएगा।
समीक्षा में यह भी संकेत दिया गया है कि भविष्य में राज्य में हाइड्रोजन ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं को और प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश का ऊर्जा क्षेत्र और अधिक सशक्त और टिकाऊ बनेगा।
इस आर्थिक समीक्षा से यह स्पष्ट हुआ है कि उत्तर प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और हरित पहल के मामले में देश में अग्रणी बनता जा रहा है।

