प्रतीक यादव की जिंदगी के अनसुने किस्से: फुटेज में जानें मुलायम सिंह ने अखिलेश के बराबर माना, 13 दिन में आया दो बार हार्ट अटैक
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े प्रतीक यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 13 दिनों के भीतर दो बार हार्ट अटैक आने की खबरों के बाद उनकी तबीयत को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी के साथ उनका निजी जीवन और परिवार में उनकी स्थिति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रतीक यादव, अखिलेश यादव के सगे भाई नहीं हैं। वह मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता के पहले पति के पुत्र हैं। इसके बावजूद मुलायम सिंह यादव ने उन्हें हमेशा परिवार का हिस्सा माना और सार्वजनिक जीवन में भी उन्हें बराबरी का स्थान देने की कोशिश की। परिवार के भीतर भी उन्हें एक बेटे की तरह ही सम्मान मिला।
राजनीतिक हलकों में अक्सर यह चर्चा रही कि मुलायम सिंह यादव ने कभी भी प्रतीक और अखिलेश के बीच भेदभाव नहीं किया। हालांकि प्रतीक सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन पारिवारिक आयोजनों और महत्वपूर्ण मौकों पर उनकी मौजूदगी हमेशा देखी गई।
उनकी जिंदगी का एक अहम पहलू उनकी शादी रही, जो साल 2011 में सैफई में बड़े धूमधाम से हुई थी। उनकी शादी अपर्णा बिष्ट यादव से हुई थी, जो बाद में राजनीतिक रूप से भी सक्रिय रहीं। इस शादी में बॉलीवुड और राजनीति जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं, जिनमें अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और अनिल कपूर जैसे नाम प्रमुख थे। यह शादी उस समय देशभर में चर्चा का विषय बनी थी।
हालांकि बाद के वर्षों में उनके वैवाहिक जीवन को लेकर कई उतार-चढ़ाव सामने आए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2026 में एक समय ऐसा भी आया जब तलाक की खबरों ने सुर्खियां बटोरीं, जिसमें निजी रिश्तों को लेकर विवाद की बातें सामने आईं। बाद में दोनों के बीच सुलह की खबरें भी आईं, जिससे मामला फिर शांत हो गया।
हाल ही में एयरपोर्ट पर हुए एक हादसे के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जब उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई थी। इसके बाद उन्हें तत्काल मेडिकल सहायता दी गई थी। अब 13 दिनों में दूसरी बार हार्ट अटैक आने की खबर ने उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
परिवार और करीबी लोग लगातार उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति को स्थिर करने में जुटी हुई है और अगले कुछ दिन बेहद अहम बताए जा रहे हैं। प्रतीक यादव का जीवन हमेशा से ही परिवार, रिश्तों और राजनीतिक चर्चा के बीच संतुलन का हिस्सा रहा है। सियासत से दूरी रखने के बावजूद उनका नाम समय-समय पर सुर्खियों में आता रहा है, और अब उनकी स्वास्थ्य स्थिति ने एक बार फिर पूरे यादव परिवार और समर्थकों को चिंता में डाल दिया है।

