शहर के परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के लिए डिजिटल शिक्षा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब उन्हें स्मार्ट कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल युग की नई तकनीकों से लैस करना और छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करना है।
शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नरवल स्थित डायट (DIET) में किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में कुल 671 शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। उन्हें डिजिटल साक्षरता, कोडिंग और एआई के बेसिक्स के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों के पेशेवर कौशल को मजबूत करने के साथ-साथ स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देगा।
डायट के कार्यक्रम संयोजक ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों पहलू शामिल होंगे। शिक्षक न केवल डिजिटल उपकरणों और सॉफ्टवेयर का प्रयोग सीखेंगे, बल्कि छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग के बेसिक कॉन्सेप्ट भी पढ़ाने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा, “यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षित शिक्षक अपने स्कूलों में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को लागू करेंगे।”
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल साक्षरता और कोडिंग आज के समय की आवश्यक कौशलें बन चुकी हैं। बच्चों को शुरुआती स्तर से ही कोडिंग और एआई के बारे में जानकारी देना उनके रचनात्मक और तार्किक सोच को विकसित करेगा। प्रशिक्षित शिक्षक इस दिशा में बच्चों को मार्गदर्शन देंगे और स्कूलों में तकनीकी शिक्षा का स्तर ऊंचा करेंगे।
शिक्षकों का भी उत्साह इस कार्यक्रम को लेकर काफी बढ़ा हुआ है। एक शिक्षक ने कहा, “डिजिटल और एआई शिक्षा में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। हमें यह प्रशिक्षण मिलने से अपने छात्रों को आधुनिक तकनीक के साथ पढ़ाने का मौका मिलेगा। यह हमारे लिए और छात्रों के लिए दोनों के लिए लाभकारी है।”
शिक्षा विभाग ने बताया कि इस प्रशिक्षण में स्मार्ट बोर्ड, कोडिंग प्लेटफॉर्म और एआई टूल्स का भी प्रशिक्षण शामिल होगा। इससे शिक्षक न केवल बच्चों को पढ़ाएंगे, बल्कि डिजिटल शिक्षा के नए तरीकों और तकनीकों को अपने स्कूलों में लागू भी करेंगे।
यह पहल कानपुर के परिषदीय स्कूलों में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों के अनुसार, शिक्षकों का यह प्रशिक्षण न केवल छात्रों के शैक्षणिक अनुभव को बेहतर बनाएगा, बल्कि राज्य और देश में डिजिटल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाएगा।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे और भविष्य में अधिक शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। इससे शिक्षकों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और छात्रों को स्मार्ट और भविष्योन्मुखी शिक्षा प्राप्त होगी।
कानपुर में इस तरह की पहल ने शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और डिजिटल क्रांति को गति दी है। अब शहर के परिषदीय स्कूल न केवल सामान्य शिक्षा में बल्कि डिजिटल और एआई शिक्षा में भी आधुनिक और सशक्त बनेंगे।

