औरैया में समावेशी शिक्षा के मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूरा, दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा देने पर जोर
जिले के रिसोर्स सेंटर में चल रहा समावेशी शिक्षा के मास्टर ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को सामान्य शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना और उनकी जरूरतों के अनुसार बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करना था।
कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनरों को दिव्यांग बच्चों की पहचान, उनकी विशेष आवश्यकताओं और उन्हें पढ़ाने के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद ये मास्टर ट्रेनर ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को भी आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन देंगे।
दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर जोर
प्रशिक्षण में बताया गया कि दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए स्कूलों में अनुकूल वातावरण तैयार करना जरूरी है। शिक्षकों को बच्चों की क्षमताओं को समझकर उनकी सीखने की गति के अनुसार शिक्षण पद्धति अपनानी चाहिए।
विशेषज्ञों ने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य हर बच्चे को समान अवसर देना है, ताकि दिव्यांग छात्र भी बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को करेंगे प्रशिक्षित
प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर अब अपने-अपने ब्लॉक में जाकर शिक्षकों को समावेशी शिक्षा से जुड़े पहलुओं की जानकारी देंगे। इसके माध्यम से स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए सुविधाएं और बेहतर शिक्षण व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
मास्टर ट्रेनरों को बच्चों की जरूरतों के अनुसार शिक्षण सामग्री के उपयोग, व्यवहारिक प्रशिक्षण और स्कूल में सहयोगी माहौल बनाने के तरीके भी बताए गए।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल
अधिकारियों ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। समावेशी शिक्षा के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा की पढ़ाई से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिए गए। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण से स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी।

