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गाजियाबाद में तीन बहनों की नौवीं मंजिल से आत्महत्या, कोरियन गेम और कर्ज की जानकारी आई सामने

गाजियाबाद में तीन बहनों की नौवीं मंजिल से आत्महत्या, कोरियन गेम और कर्ज की जानकारी आई सामने

शहर के एक अपार्टमेंट में तीन बहनों ने नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे पूरे इलाके में शोक और सदमे का माहौल बन गया। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं।

जांच में पुलिस और परिवार दोनों ने अलग-अलग पहलुओं को उजागर किया है। पुलिस ने बताया कि तीनों बहनें मोबाइल फोन पर कोरियन शो देखती थीं, और उनसे जुड़े सांस्कृतिक और गेमिंग रुचियों ने उनकी मानसिक स्थिति पर असर डाला। वहीं, पिता ने यह दावा किया कि बच्चे एक कोरियन गेम खेल रहे थे, जिसमें कई चरण होते थे, और अंतिम चरण में उन्हें आत्महत्या करना होता था।

पुलिस ने मामले की जांच में ये भी खुलासा किया:

  • तीनों बहनें नियमित रूप से मोबाइल फोन पर कोरियन शो और गेम खेलती थीं।

  • परिवार में कई आर्थिक समस्याएँ, खासकर कर्ज, चल रही थी।

  • घरेलू तनाव और परिवारिक दबाव भी मानसिक स्थिति पर असर डाल रहा था।

जांच अधिकारी ने बताया कि परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ जारी है। पुलिस सुसाइड नोट, मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या के पीछे सीधे गेम या शो का प्रभाव था या परिवारिक तनाव मुख्य कारण।

विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल सामग्री के प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में मानसिक अस्थिरता, दबाव और संवेदनशीलता अधिक होती है, और अत्यधिक डिजिटल मीडिया या गेमिंग के कारण उन्हें चरम कदम उठाने के लिए प्रेरणा मिल सकती है।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किशोरों के डिजिटल उपयोग और मानसिक स्थिति पर निगरानी रखें। साथ ही, परिवारों को चाहिए कि वे किशोरों के तनाव और दबाव को समझें और मानसिक सहयोग प्रदान करें।

इस मामले में, परिवार और पड़ोसियों ने बताया कि बहनों की आर्थिक समस्याओं और घरेलू तनाव उनके जीवन पर भारी प्रभाव डाल रहे थे। पिता ने यह भी स्वीकार किया कि परिवार ने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया, जिससे वे खेल और शो के प्रभाव में आने से नहीं बच पाईं।

मनोवैज्ञानिकों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं परिवार, समाज और शिक्षा प्रणाली के लिए चेतावनी हैं। उन्होंने अपील की कि किशोरों के लिए हेल्पलाइन, काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाया जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

गाजियाबाद पुलिस ने मामले में तीनों बहनों के मोबाइल, सुसाइड नोट और आसपास के कैमरों की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल मीडिया, गेमिंग और पारिवारिक समस्याओं के बीच संतुलन बनाए रखना आज के किशोरों के लिए बेहद जरूरी है। गाजियाबाद की यह घटना युवा मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक दबाव के महत्व पर समाज और प्रशासन दोनों को गंभीर सोचने पर मजबूर कर रही है।

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