अमरोहा में फास्ट फूड से तीसरी मौत, दिल्ली एम्स में शिफा ने तोड़ा दम; 24 दिन में 3 ने गंवाई जान
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक नई-नवेली शादीशुदा महिला का फास्ट फूड का शौक जानलेवा साबित हुआ। चाउमीन, मैगी, पिज्जा, बर्गर और मोमोज के ज़्यादा सेवन से अकरम की पत्नी शिफा (20) के पैंक्रियास में गंभीर इन्फेक्शन हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। शिफा की बुधवार को दिल्ली के AIIMS में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी शादी आठ महीने पहले ही हुई थी।
दरअसल, जोया का रहने वाला अकरम दिल्ली में दर्जी का काम करता है। उसने जून 2025 में उझारी की रहने वाली शिफा से शादी की थी। शादी के बाद परिवार में सब कुछ नॉर्मल था। परिवार वालों के मुताबिक, शिफा को फास्ट फूड बहुत पसंद था और वह अक्सर चाउमीन, मैगी, मोमोज, पिज्जा और बर्गर खाती थी।
शिफा के पैंक्रियास में इन्फेक्शन हो गया।
7 जनवरी को शिफा को अचानक पेट में तेज़ दर्द हुआ और उसे जोया के JAM मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जांच के बाद डॉ. रियाज ने बताया कि शिफा को फास्ट फूड और तला हुआ खाना ज्यादा खाने की वजह से गंभीर पैंक्रियाटिक इन्फेक्शन हो गया था। परिवार वालों ने बताया कि शिफा का पैंक्रियास पूरी तरह से खराब हो गया था और इन्फेक्शन ने उसके दिमाग पर असर डालना शुरू कर दिया था। तीन दिन तक अस्पताल में उसका इलाज चला, लेकिन
दिल्ली में शिफा की मौत
जब उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई, तो उसे मुरादाबाद से AIIMS दिल्ली रेफर कर दिया गया। AIIMS के डॉक्टरों ने भी पैंक्रियाटिक इन्फेक्शन का मुख्य कारण ज्यादा फास्ट फूड और तला हुआ खाना बताया। हालांकि, बुधवार सुबह करीब 11 बजे इलाज के दौरान शिफा की मौत हो गई। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उसी दोपहर परिवार शिफा का शव गांव ले गया, जहां उसे दफना दिया गया।
पहली घटना - गौरतलब है कि अमरोहा जिले में 24 दिनों में फास्ट फूड खाने से जुड़ी यह तीसरी दुखद घटना है। इससे पहले, 22 दिसंबर को मोहल्ला अफगान के रहने वाले मंसूर खान की 16 साल की बेटी अहाना की भी ज्यादा फास्ट फूड खाने से मौत हो गई थी। एक और घटना में, अमरोहा के चुचैला कलां गांव की NEET स्टूडेंट इल्मा की फास्ट फूड खाने से मौत हो गई। उसे नौ दिनों तक दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) हॉस्पिटल में भर्ती रखा गया था। 29 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उन्हें फास्ट फूड खाना चाहिए या नहीं।
फूड डिपार्टमेंट के अधिकारी ने क्या कहा?
जिले में फास्ट फूड खाने से हुई तीसरी मौत के बाद, फूड डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर विनय अग्रवाल ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि फूड डिपार्टमेंट के अधिकारी अलग-अलग फूड स्टॉल पर जाकर फास्ट फूड में इस्तेमाल होने वाली चीज़ों, जैसे सिरका, सोया सॉस, चिली सॉस और दूसरी चीज़ों के सैंपल इकट्ठा कर रहे हैं। इन सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेजा जा रहा है।
विनय अग्रवाल ने कहा कि आजकल के बच्चे जंक फूड खाने के आदी हो गए हैं, जो उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक है। जंक फूड खाने से शरीर में मैदा, चीनी, रिफाइंड प्रोडक्ट और नमक की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे यह समस्या और बढ़ रही है।

