वाराणसी में बढ़ा गंगा का जलस्तर, चेतावनी बिंदु से महज सवा मीटर नीचे; तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ी
वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को गंगा का जलस्तर 69.04 मीटर तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का पानी करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब सवा मीटर नीचे रह गया है।
गंगा के जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में नदी किनारे बसे इलाकों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रशासन भी लगातार नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता
गंगा के किनारे रहने वाले लोगों में जलस्तर बढ़ने को लेकर चिंता बढ़ गई है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ता है तो घरों और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से भी लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
किसानों की बढ़ी परेशानी
गंगा का बढ़ता जलस्तर किसानों के लिए भी चिंता का कारण बन गया है। नदी किनारे खेती करने वाले किसानों को फसलों के नुकसान का डर सताने लगा है।
यदि नदी का पानी खेतों तक पहुंचता है तो सब्जी और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों ने प्रशासन से स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
घाटों पर भी दिख रहा असर
गंगा का जलस्तर बढ़ने का असर वाराणसी के घाटों पर भी दिखाई देने लगा है। नदी का पानी लगातार ऊपर आने से घाटों के कई हिस्से प्रभावित हो रहे हैं।
नाव संचालन और घाटों पर होने वाली गतिविधियों पर भी जलस्तर बढ़ने का असर पड़ सकता है। प्रशासन और नाविकों को सुरक्षा के लिहाज से सावधानी बरतने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों ने निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल गंगा चेतावनी बिंदु से नीचे है, लेकिन जिस तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है, उसने तटवर्ती क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में बारिश और जलस्तर की स्थिति के आधार पर हालात बदल सकते हैं।

