सत्य स्थानांतरित नहीं होता… जज के तबादले पर भड़के अखिलेश यादव, न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
संभल हिंसा मामले में FIR का फैसला देने वाले जज का ट्रांसफर कर दिया गया है। CJM विभांशु सुधीर का सुल्तानपुर ट्रांसफर कर दिया गया है। खास बात यह है कि विभांशु को CJM के पद से हटाकर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) का पद दिया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनका ट्रांसफर हुआ या डिमोट किया गया। पूरे मामले पर अखिलेश यादव ने रिएक्ट किया है।
समाजवादी पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट अखिलेश यादव ने कहा कि सच ट्रांसफर नहीं होता, उसकी जगह बदली नहीं जा सकती। ज्यूडिशियरी की आजादी का उल्लंघन डेमोक्रेसी का सीधा उल्लंघन है। सिर्फ एक इंडिपेंडेंट ज्यूडिशियरी ही संविधान की गार्डियनशिप और प्रोटेक्शन दे सकती है। CJM विभांशु सुधीर ने ASP और संभल के पूर्व CO अनुज चौधरी समेत 20 पुलिस अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज करने का ऑर्डर दिया था।
FIR के ऑर्डर के बाद ट्रांसफर का ऑर्डर आया।
ट्रांसफर का ऑर्डर आया। CJM विभांशु ने शाही मस्जिद दंगा मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अनुज चौधरी और दूसरे पुलिस अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज करने का ऑर्डर दिया था। इसके बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया।
CJM कोर्ट ने 9 जनवरी को FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। हालांकि, बाद में संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) ने FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया। SP ने कहा कि पुलिस कोर्ट के आदेश को चुनौती देगी। अपील दायर की जाएगी। कोई FIR दर्ज नहीं की जाएगी। मामले में न्यायिक जांच पहले ही हो चुकी है। सिविल जज आदित्य सिंह को संभल का नया CJM नियुक्त किया गया।
CJM विभांशु सुधीर सुर्खियों में क्यों आए?
वे हिंसा से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रहे थे।
उन्होंने ASP अनुज चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था।
आलम नाम के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में अनुज समेत बीस पुलिसकर्मी आरोपी हैं।
सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया था।

