15 दिन की बारिश से बिगड़े हालात, 10 से ज्यादा नदियां उफान पर; वीडियो में जाने 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 54 जिलों में अलर्ट
उत्तर प्रदेश में पिछले 15 दिनों से लगातार हो रही मानसूनी बारिश अब संकट का रूप लेने लगी है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गंगा, यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं, जबकि चार प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांवों में पानी घुस गया है, सड़कें डूब गई हैं और लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 54 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
कनहर बांध के 3 गेट खोले गए
सोनभद्र जिले में लगातार बारिश के चलते कनहर बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बांध के तीन गेट खोल दिए, जिससे निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
सीतापुर में गांवों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
सीतापुर में बनबसा, गिरिजा और घाघरा बैराजों से करीब 3.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा और घाघरा नदियां उफान पर हैं। नदी का पानी कई गांवों में घुस गया है। एक गांव में कच्ची सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
इन जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं नदियां
बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
- बागपत और नोएडा में हिंडन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
- बदायूं में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
- अयोध्या, गोंडा और बलिया में घाघरा नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है।
- कुशीनगर में गंडक नदी भी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
लखीमपुर में सड़क पर दिखा मगरमच्छ
लगातार बारिश और बाढ़ के कारण वन्यजीव भी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंचने लगे हैं। लखीमपुर खीरी के एक गांव में सड़क पर मगरमच्छ दौड़ता हुआ दिखाई दिया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
बस्ती में सरयू नदी का तेज कटान
बस्ती जिले में सरयू नदी के किनारे तेज कटान हो रहा है। नदी के बहाव में कई पेड़ समा गए हैं और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने खतरा बढ़ गया है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है।
लखनऊ समेत कई जिलों में बारिश
शुक्रवार सुबह लखनऊ और गोंडा में बारिश दर्ज की गई। वहीं बाराबंकी, आगरा सहित 30 से अधिक जिलों में बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 24 घंटे तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
गुरुवार को प्रदेश के 42 जिलों में औसतन 2.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 13 मिमी वर्षा सोनभद्र जिले में दर्ज की गई।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं, जलभराव वाले रास्तों से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में कई और जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

