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गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा होगी और मजबूत, AI की नजर में रहेगा पूरा परिसर; लगेंगे 392 आधुनिक कैमरे

गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा होगी और मजबूत, AI की नजर में रहेगा पूरा परिसर; लगेंगे 392 आधुनिक कैमरे

गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। मंदिर परिसर और उसके आसपास अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके तहत कुल 392 आधुनिक कैमरे लगाए जाने की योजना है। इन कैमरों की मदद से मंदिर परिसर के साथ-साथ वीवीआईपी रूट और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जाएगी।

नई सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए फेशियल रिकग्निशन और एएनपीआर यानी ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम लगाए जाएंगे। इन तकनीकों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और वाहनों की निगरानी करने में सुरक्षा एजेंसियों को मदद मिलेगी।

गोरखनाथ मंदिर गोरखपुर का प्रमुख धार्मिक स्थल होने के साथ ही महत्वपूर्ण सार्वजनिक और वीवीआईपी गतिविधियों का केंद्र भी है। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है। नई तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

मंदिर परिसर में लगाए जाने वाले कैमरों को अलग-अलग महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थापित किया जाएगा। इनकी नजर प्रवेश और निकास मार्गों, प्रमुख स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों और आसपास के हिस्सों पर रहेगी। वीवीआईपी रूट पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा संबंधी स्थिति का समय रहते पता लगाया जा सके।

फेशियल रिकग्निशन तकनीक के जरिए कैमरों से प्राप्त तस्वीरों का विश्लेषण किया जा सकेगा। वहीं एएनपीआर सिस्टम वाहनों की नंबर प्लेट को पहचानने और रिकॉर्ड करने में मदद करेगा। इससे किसी घटना की स्थिति में संबंधित वाहन की पहचान करने में सुरक्षा एजेंसियों को सहायता मिल सकती है।

AI आधारित निगरानी की खासियत यह होगी कि कैमरों से मिलने वाले फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे सुरक्षा कर्मियों को संदिग्ध गतिविधियों पर तेजी से ध्यान देने में मदद मिल सकती है। हालांकि, तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मचारियों और उचित संचालन व्यवस्था की भी जरूरत होगी।

मंदिर के आसपास संवेदनशील क्षेत्रों को भी निगरानी के दायरे में रखा जाएगा। इससे किसी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि पर नजर रखने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा पहले की तुलना में अधिक तकनीक आधारित हो जाएगी।

प्रशासन की योजना का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ किसी भी संभावित खतरे से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है। 392 आधुनिक कैमरों, फेशियल रिकग्निशन और एएनपीआर सिस्टम के जरिए गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक की भूमिका और बढ़ने वाली है।

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