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रामलला के भोग प्रसाद की शुद्धता पर लगी मुहर: जांच में सभी नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरे, राम मंदिर ट्रस्ट को मिलेगा ‘भोग सर्टिफिकेट’

रामलला के भोग प्रसाद की शुद्धता पर लगी मुहर: जांच में सभी नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरे, राम मंदिर ट्रस्ट को मिलेगा ‘भोग सर्टिफिकेट’c

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। मंदिर की रसोई में तैयार होने वाले प्रसाद के नमूनों की जांच में सभी नमूने निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। इस जांच के बाद राम मंदिर में प्रसाद तैयार करने और श्रद्धालुओं को वितरित करने की व्यवस्था पर खाद्य सुरक्षा के मानकों के पालन की पुष्टि हुई है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की पहल के तहत मंदिर की रसोई और भोग प्रसाद की गुणवत्ता की जांच की गई। अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ‘भोग’ प्रमाणपत्र दिए जाने की तैयारी है। यह प्रमाणपत्र धार्मिक स्थलों पर भोजन तैयार करने और वितरण की प्रक्रिया में स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा के मानकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिया जाता है।

जांच में सभी नमूने मानकों के अनुरूप

राम मंदिर की रसोई में तैयार किए जाने वाले भोग प्रसाद के नमूनों की जांच खाद्य सुरक्षा मानकों के आधार पर की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। इससे प्रसाद की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित तरीके से तैयार किए जाने की प्रक्रिया को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं।

धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रसाद और भोजन तैयार करने की जगह पर साफ-सफाई, कच्चे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण और वितरण की व्यवस्था का विशेष महत्व होता है। खाद्य सुरक्षा संबंधी जांच का उद्देश्य इन सभी पहलुओं को बेहतर बनाना है।

क्या है FSSAI का ‘भोग’ प्रमाणपत्र?

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ‘भोग’ यानी ब्लिसफुल हाइजीनिक ऑफरिंग टू गॉड पहल का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर प्रसाद और भोजन की स्वच्छता तथा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके तहत मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थानों को खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इस प्रक्रिया में भोजन बनाने की जगह की स्वच्छता, खाद्य सामग्री का सुरक्षित रखरखाव, भोजन तैयार करने के तरीके और वितरण व्यवस्था जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और स्वच्छ प्रसाद उपलब्ध कराना है।

राम मंदिर ट्रस्ट को दिया जाएगा प्रमाणपत्र

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच में सभी नमूनों के मानकों पर खरा उतरने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ‘भोग’ प्रमाणपत्र देने की तैयारी है। यह प्रमाणपत्र मंदिर की रसोई में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी प्रक्रियाओं को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

राम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भोग प्रसाद की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना मंदिर प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी है। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नमूने मिलने से प्रसाद की तैयारी और वितरण व्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।

इस तरह रामलला के भोग प्रसाद की जांच में सभी नमूनों का मानकों पर खरा उतरना मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं के लिए सकारात्मक खबर है। प्रमाणपत्र मिलने के बाद भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का लगातार पालन करना महत्वपूर्ण रहेगा।

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