Samachar Nama
×

जमीन बंटवारे की प्रक्रिया होगी आसान, तीन नए पोर्टल से ऑनलाइन दाखिल होगा विभाजन वाद

जमीन बंटवारे की प्रक्रिया होगी आसान, तीन नए पोर्टल से ऑनलाइन दाखिल होगा विभाजन वाद

जमीन के बंटवारे यानी विभाजन की प्रक्रिया को अब और सरल बनाने की तैयारी की जा रही है। सह-खातेदारों को अब विभाजन वाद दाखिल करने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। नई डिजिटल व्यवस्था के तहत तीन नए पोर्टल तैयार किए जाएंगे, जिनके माध्यम से लोग घर बैठे जमीन बंटवारे के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

सरकार का उद्देश्य भूमि संबंधी सेवाओं को तकनीक से जोड़कर उन्हें अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाना है। ऑनलाइन प्रणाली लागू होने के बाद आवेदन से लेकर प्रक्रिया की निगरानी तक का काम डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा।

ऑनलाइन आवेदन से मिलेगी राहत

अभी तक जमीन के विभाजन के लिए सह-खातेदारों को तहसील और राजस्व कार्यालयों में कई बार जाना पड़ता था। आवेदन जमा करने, दस्तावेजों की जांच और मामले की स्थिति जानने में लोगों को काफी समय लग जाता था।

नई व्यवस्था में सह-खातेदार अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए विभाजन वाद के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता

नए पोर्टल के जरिए जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। आवेदन की स्थिति, संबंधित दस्तावेज और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

इससे राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी मामलों की निगरानी करने में आसानी होगी। साथ ही लंबित मामलों का समय पर निस्तारण करने में मदद मिलेगी।

जमीन विवादों में आएगी कमी

जमीन के बंटवारे को लेकर परिवारों और सह-खातेदारों के बीच अक्सर विवाद सामने आते हैं। कई बार राजस्व प्रक्रिया में देरी के कारण विवाद लंबे समय तक चलते रहते हैं।

डिजिटल व्यवस्था लागू होने से विभाजन संबंधी मामलों को व्यवस्थित तरीके से निपटाने में मदद मिलेगी। रिकॉर्ड और आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने से गलतियों और अनावश्यक देरी को कम किया जा सकेगा।

तकनीक के जरिए बदलेगी राजस्व व्यवस्था

सरकार लगातार राजस्व सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है। नए पोर्टल इसी पहल का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।

नई व्यवस्था से किसानों, जमीन मालिकों और सह-खातेदारों को सीधा लाभ मिलेगा। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू होने के बाद जमीन बंटवारे की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

Share this story

Tags