कानपुर में कटे हाथ का रहस्य बरकरार: ITBP जवान की मां के मामले में जांच अटकी, मालखाने में रखा है हाथ
कानपुर में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) जवान की मां के कटे हाथ से जुड़े मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी कटे हुए हाथ को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।
जानकारी के मुताबिक, बरामद किए गए कटे हाथ को पुलिस ने सील कर मालखाने में सुरक्षित रखा हुआ है। अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि जांच और परीक्षण के लिए उसे किस लैब या मेडिकल संस्थान में भेजा जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। सीएमओ से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही हाथ को फॉरेंसिक जांच या डीएनए परीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
यह मामला सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि इतने संवेदनशील मामले में जांच प्रक्रिया अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कटा हुआ हाथ आखिर किस परिस्थिति में मिला और उसका संबंध मामले से कैसे जुड़ा है। जांच टीम आसपास के लोगों से पूछताछ और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में फॉरेंसिक जांच और डीएनए रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर कई अहम तथ्य सामने आते हैं।
मृतका के परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की जांच तेजी से की जाए और सच्चाई जल्द सामने लाई जाए। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
फिलहाल कटा हुआ हाथ मालखाने में सुरक्षित रखा गया है और पुलिस प्रशासन सीएमओ के निर्देश मिलने का इंतजार कर रहा है, ताकि आगे की वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया शुरू की जा सके।

