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वायरल वीडियो से शुरू हुआ सफर, अब फिल्मी गीत तक पहुंची अगरा गांव के लोक गायक सुनील लोधी की आवाज

वायरल वीडियो से शुरू हुआ सफर, अब फिल्मी गीत तक पहुंची अगरा गांव के लोक गायक सुनील लोधी की आवाज

मध्य प्रदेश के अगरा गांव के रहने वाले लोक गायक सुनील लोधी आज अपनी आवाज के दम पर देशभर में पहचान बना रहे हैं। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के भक्ति गीत ‘मैंने तेरे ही भरोसे, हनुमान, सागर में नैया डाल दई…’ से उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। हालांकि, सुनील लोधी के लिए यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं था। उनकी सफलता की कहानी एक वायरल वीडियो से शुरू हुई थी।

सुनील लोधी लंबे समय से लोक संगीत और भक्ति गीतों से जुड़े हुए हैं। गांव के छोटे-बड़े आयोजनों में अपनी प्रस्तुति देने वाले सुनील ने अपनी अलग गायकी शैली से लोगों के बीच पहचान बनाई। सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने संगीत के प्रति अपने जुनून को कभी कम नहीं होने दिया।

उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया, जब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में उनकी लोक शैली और दमदार आवाज को लोगों ने खूब पसंद किया। देखते ही देखते यह वीडियो कई लोगों तक पहुंच गया और सुनील लोधी की आवाज की चर्चा गांव से निकलकर दूर तक फैल गई।

वायरल वीडियो के बाद उन्हें नए अवसर मिलने लगे। संगीत से जुड़े लोगों का ध्यान उनकी प्रतिभा की ओर गया और धीरे-धीरे उन्हें बड़े मंचों पर अपनी कला दिखाने का मौका मिला। उनकी सादगी भरी लोक गायकी और भक्ति भाव से जुड़े गीतों ने लोगों के दिलों में जगह बनाई।

इसके बाद सुनील लोधी को फिल्म ‘हनुमान अंश’ के लिए गीत गाने का अवसर मिला। फिल्म का भक्ति गीत ‘मैंने तेरे ही भरोसे, हनुमान, सागर में नैया डाल दई…’ उनकी आवाज में रिकॉर्ड किया गया। इस गीत के जरिए उनकी पहचान अब बड़े स्तर पर पहुंच रही है।

सुनील लोधी का कहना है कि उन्होंने हमेशा लोक संगीत को अपनी ताकत माना है। गांव की मिट्टी से जुड़े गीतों और भक्ति संगीत के प्रति उनका लगाव ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा।

अगरा गांव के इस लोक कलाकार की कहानी उन तमाम ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी के बावजूद अपनी कला को आगे बढ़ाने का सपना देखते हैं। एक छोटे से गांव से शुरू हुआ उनका सफर आज फिल्मी दुनिया तक पहुंच चुका है।

सोशल मीडिया के दौर में कई प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने का मौका मिल रहा है। सुनील लोधी की कहानी भी इसका उदाहरण है कि सही अवसर और मेहनत के साथ स्थानीय कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

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