सामूहिक विवाह योजना के गद्दों पर TMC जैसे चुनाव चिह्न का मामला, सप्लायर फर्म पर कार्रवाई की तैयारी
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को बांटे गए गद्दों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिह्न और झंडे जैसी डिजाइन मिलने के मामले में जिला समाज कल्याण विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने संबंधित आपूर्तिकर्ता फर्म से जवाब मांगा था, लेकिन उसका स्पष्टीकरण अधिकारियों को संतोषजनक नहीं लगा।
अब विभाग ने फर्म को अंतिम अवसर देने के बाद उसे ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजना के तहत वितरित सामग्री में किसी भी प्रकार की राजनीतिक छवि या विवादित डिजाइन स्वीकार नहीं की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत नवविवाहित जोड़ों को उपयोगी सामग्री के रूप में गद्दे वितरित किए गए थे। वितरण के बाद कुछ लोगों ने गद्दों के कवर पर एक डिजाइन को लेकर आपत्ति जताई। आरोप लगाया गया कि यह डिजाइन तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न और झंडे से मिलती-जुलती है।
मामला सामने आने के बाद जिला समाज कल्याण विभाग ने संबंधित आपूर्तिकर्ता फर्म को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। विभाग ने यह जानने की कोशिश की कि सरकारी योजना के लिए उपलब्ध कराई गई सामग्री में इस तरह की डिजाइन कैसे पहुंची।
फर्म की ओर से दिए गए जवाब को अधिकारियों ने संतोषजनक नहीं माना। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फर्म की ओर से दी गई सफाई में मामले की गंभीरता को स्पष्ट नहीं किया गया। इसके बाद अब फर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अंतिम अवसर दिए जाने के बाद यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इसके अलावा भविष्य में सरकारी योजनाओं की सामग्री आपूर्ति के लिए भी उसे प्रतिबंधित किया जा सकता है।
विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि सरकारी योजनाओं में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और डिजाइन की जांच को और सख्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह के विवादों से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विवाह में सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में योजना से जुड़ी सामग्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विवाद को विभाग गंभीरता से ले रहा है।
फिलहाल मामले में अंतिम निर्णय विभागीय जांच और फर्म के जवाब के आधार पर लिया जाएगा। वहीं, इस कार्रवाई के बाद अन्य सप्लायर फर्मों में भी सतर्कता बढ़ गई है।

