गोंडा में घाघरा नदी उफान पर, 36 घंटे से लगातार बढ़ रहा जलस्तर; नवाबगंज में तेज कटान से किसानों की बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले 36 घंटे से नदी का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है, जबकि बीते 24 घंटे से घाघरा उफान पर है। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे से तरबगंज तहसील के नवाबगंज क्षेत्र में नदी ने कटान तेज कर दी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
नदी के बढ़ते जलस्तर और कटान के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
36 घंटे से लगातार बढ़ रहा जलस्तर
घाघरा नदी के जलस्तर में पिछले डेढ़ दिन से लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी का बहाव भी तेज हो गया है। पिछले 24 घंटे से नदी के उफान पर होने के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है।
नदी का पानी बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है। लोग अपने खेतों और आसपास के इलाकों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
नवाबगंज में तेज हुआ कटान
गुरुवार सुबह करीब 7 बजे से तरबगंज तहसील के नवाबगंज क्षेत्र में घाघरा ने कटान तेज कर दिया। नदी के किनारे स्थित खेतों की जमीन कटकर नदी में समाने का खतरा बढ़ गया है।
कटान की वजह से किसानों को अपनी फसलों और कृषि भूमि के नुकसान की चिंता सता रही है। कई स्थानों पर ग्रामीण नदी के बढ़ते पानी और कटान को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
किसानों की बढ़ी परेशानी
नदी के कटान का सबसे ज्यादा असर तटवर्ती किसानों पर पड़ रहा है। जिन किसानों की जमीन नदी के किनारे है, उन्हें खेतों के कटने का डर सताने लगा है। लगातार कटान होने पर कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा नदी में समा सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान की रफ्तार भी तेज हुई है। ऐसे में प्रशासन से निगरानी और बचाव के इंतजाम बढ़ाने की मांग की जा रही है।
प्रशासन की बढ़ी जिम्मेदारी
घाघरा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन के सामने तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की चुनौती है। संवेदनशील इलाकों में बाढ़ और कटान की स्थिति पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
ग्रामीणों को भी नदी के किनारे जाने से बचने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी जा सकती है।

