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दामाद का पैर पकड़ गिड़गिड़ाए थे पिता, अब फंदे से लटकी मिली बेटी; लखनऊ की श्वेता पर हुए टॉर्चर की कहानी
 

दामाद का पैर पकड़ गिड़गिड़ाए थे पिता, अब फंदे से लटकी मिली बेटी; लखनऊ की श्वेता पर हुए टॉर्चर की कहानी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां विवाहिता श्वेता संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर में फंदे से लटकी मिली। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही श्वेता को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। हालात इतने खराब हो चुके थे कि बेटी की जिंदगी बचाने के लिए उसके पिता ने दामाद के पैर पकड़कर भी रहम की भीख मांगी थी, लेकिन आखिरकार उनकी बेटी जिंदगी की जंग हार गई।

परिवार के मुताबिक, श्वेता की शादी बड़े अरमानों के साथ हुई थी। शादी के शुरुआती कुछ दिनों तक सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे ससुराल पक्ष की मांगें बढ़ने लगीं। आरोप है कि श्वेता को दहेज और अन्य बातों को लेकर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। कई बार उसने अपने मायके वालों को फोन कर अपनी परेशानी बताई थी।

श्वेता के पिता का कहना है कि बेटी की हालत देखकर वह कई बार उसके ससुराल पहुंचे। उन्होंने दामाद और उसके परिवार को समझाने की कोशिश की। यहां तक कि बेटी का घर बचाने के लिए उन्होंने दामाद के पैर पकड़कर श्वेता को परेशान न करने की गुहार भी लगाई थी। परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद प्रताड़ना बंद नहीं हुई।

बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन श्वेता अपने कमरे में फंदे से लटकी मिली। सूचना मिलते ही घर में हड़कंप मच गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।

परिजनों ने श्वेता की मौत को आत्महत्या नहीं बल्कि प्रताड़ना से जुड़ा मामला बताया है। उनका आरोप है कि लगातार टॉर्चर और मानसिक दबाव के कारण उनकी बेटी की जान गई। परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है that मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मोबाइल चैट, कॉल डिटेल समेत अन्य सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। यदि जांच में प्रताड़ना या दहेज उत्पीड़न के आरोप सही पाए गए तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्वेता काफी समय से तनाव में रहती थी। पड़ोसियों का कहना है कि घर में अक्सर विवाद की आवाजें सुनाई देती थीं। घटना के बाद इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि समाज में घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना जैसी समस्याएं अब भी गंभीर रूप से मौजूद हैं। एक पिता जिसने बेटी का घर बचाने के लिए हर संभव कोशिश की, आखिरकार अपनी बेटी को नहीं बचा सका। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और श्वेता की मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

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