जिले के आलापुर इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। न्यू होप्स पब्लिक स्कूल, ककराला में एनसी क्लास की एक छोटी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्कूल प्रशासन के अनुसार, बच्ची की मौत उसके हाथ में पहने ब्रेसलेट के मोती को निगल जाने के कारण हुई। वहीं, परिजनों ने इस पूरे मामले में स्कूल की लापरवाही को गंभीर बताया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना सोमवार की सुबह तब सामने आई जब बच्ची खेल या पढ़ाई के दौरान अचानक अचेत हो गई। तुरंत स्कूल स्टाफ ने बच्ची को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन और गांव के लोग स्कूल पहुंचे और पूरे मामले की जांच की मांग करने लगे।
स्कूल प्रशासन ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है और उनका स्टाफ हमेशा बच्चों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहता है। प्रशासन ने कहा कि ब्रेसलेट का मोती गलती से निगल जाना एक अप्रत्याशित घटना थी और स्कूल ने बच्ची की मदद करने की पूरी कोशिश की।
वहीं, परिजन इस बात से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल स्टाफ की लापरवाही और बच्चों पर पर्याप्त नजर न रखने की वजह से यह हादसा हुआ। परिजनों ने मामले की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल प्रशासन समय रहते उचित सावधानी बरतता, तो यह घटना टाली जा सकती थी।
मृतक बच्ची के माता-पिता का कहना है कि वे न्याय चाहते हैं और चाहते हैं कि स्कूल में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएँ। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा स्कूल की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल के स्टाफ और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है, और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने इलाके में चिंता की लहर दौड़ा दी है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। कई लोग यह भी सुझाव दे रहे हैं कि स्कूलों में खेल और अन्य गतिविधियों के दौरान बच्चों पर निगरानी बढ़ाई जाए और छोटे-छोटे बच्चों को ऐसे खिलौनों या गहनों का उपयोग करने से बचाया जाए, जो उनके लिए खतरनाक हो सकते हैं।
मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल और अभिभावकों दोनों को जागरूक रहना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या असावधानी गंभीर परिणाम ला सकती है।
न्यू होप्स पब्लिक स्कूल की यह घटना एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है कि बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशासन, अभिभावक और स्कूल स्टाफ के बीच समन्वय और सतर्कता ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।

