ओवरलोड ट्रकों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब सिर्फ जुर्माना भरकर नहीं मिलेगी आगे जाने की अनुमति
सड़कों पर क्षमता से अधिक सामान लेकर चलने वाले ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ अब सख्ती बढ़ने वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ओवरलोड पाए जाने पर वाहन को केवल जुर्माना वसूलकर आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे ट्रकों को मौके पर ही रोक दिया जाएगा और अतिरिक्त भार उतरवाने के बाद ही आगे बढ़ने दिया जाएगा।
कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, जब किसी ट्रक में निर्धारित सीमा से अधिक वजन पाया जाएगा तो पहले उसका अतिरिक्त माल उतरवाया जाएगा। इसके बाद वाहन का दोबारा वजन कराया जाएगा। जब ट्रक निर्धारित वजन सीमा के भीतर आ जाएगा, तभी उसे आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
अब तक कई मामलों में ओवरलोड वाहनों से जुर्माना वसूलने के बाद उन्हें आगे जाने दिया जाता था। लेकिन नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल आर्थिक दंड लगाने के बजाय ओवरलोडिंग को उसी समय रोकना है। इससे सड़कों पर भारी वाहनों से होने वाले नुकसान और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने की कोशिश की जाएगी।
जुर्माने के बाद भी नहीं निकल पाएंगे ओवरलोड ट्रक
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ओवरलोड ट्रक चालकों और वाहन मालिकों के लिए नियम और सख्त हो गए हैं। यदि वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलता पाया जाता है तो उसे संबंधित स्थान पर रोक दिया जाएगा। अतिरिक्त सामान हटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दोबारा वजन किया जाएगा।
दोबारा वजन के बाद ही मिलेगी अनुमति
नई व्यवस्था में वजन की जांच महत्वपूर्ण होगी। अतिरिक्त भार हटाए जाने के बाद वाहन का दोबारा वजन कराया जाएगा। यदि वजन निर्धारित सीमा के अंदर पाया जाता है, तभी ट्रक को आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जुर्माना भरने के बाद भी कोई वाहन ओवरलोड स्थिति में सड़क पर न चले।
ओवरलोडिंग की वजह से सड़कों पर दबाव बढ़ता है और सड़क की सतह को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ वाहनों की ब्रेकिंग और नियंत्रण क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को अतिरिक्त भार हटाए बिना आगे जाने की अनुमति न मिले।

