प्रयागराज में छात्रों का मशाल जुलूस, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों को लेकर जताया विरोध
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अंबेडकर छात्रावास में जातिगत उत्पीड़न के आरोपों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर शुक्रवार देर शाम प्रयागराज में छात्रों ने मशाल जुलूस निकाला। बड़ी संख्या में छात्र हाथों में मशाल लेकर सड़कों पर उतरे और अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
छात्रों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए।
मशाल जुलूस के दौरान छात्रों ने अंबेडकर छात्रावास से जुड़े कथित जातिगत उत्पीड़न के आरोपों का भी मुद्दा उठाया। छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि शिक्षण संस्थानों में सभी विद्यार्थियों को समान अधिकार और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। साथ ही शिक्षा से जुड़े निर्णयों में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की गई।
छात्रों ने मशाल जुलूस के दौरान नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद रहा।
छात्र नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।
वहीं, प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और छात्रों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।
प्रयागराज में छात्रों का यह मशाल जुलूस एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर है।

