बलरामपुर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्ती, सभी संस्थानों में 15 दिन के अंदर ICC गठन अनिवार्य
महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बलरामपुर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी संस्थानों को 15 दिनों के भीतर आंतरिक परिवाद समिति (Internal Complaints Committee-ICC) का गठन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की शिकायतों के निस्तारण के लिए ICC का गठन जरूरी है। सभी संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के अंदर समिति बनाकर इसकी जानकारी संबंधित विभाग को उपलब्ध करानी होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
आंतरिक परिवाद समिति का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई करना और शिकायतों का निष्पक्ष समाधान करना है। समिति में महिला प्रतिनिधित्व और निर्धारित नियमों के अनुसार सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी।
प्रशासन ने सभी विभागों और संस्थानों से कहा है कि वे महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े नियमों का गंभीरता से पालन करें। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिए हैं कि समिति के गठन के बाद कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
जिला प्रशासन के इस आदेश के बाद संस्थानों में समिति गठन की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि इससे महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और कार्यस्थल पर बेहतर माहौल तैयार होगा।
गौरतलब है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए ICC का गठन कानून के तहत जरूरी प्रावधानों में शामिल है। प्रशासन अब जिले में इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू कराने पर जोर दे रहा है।

