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कानपुर के जूही बारादेवी में स्ट्रीट लाइटें खराब, रात में छा जाता है अंधेरा; हादसों का खतरा

कानपुर के जूही बारादेवी में स्ट्रीट लाइटें खराब, रात में छा जाता है अंधेरा; हादसों का खतरा

कानपुर के जूही बारादेवी इलाके में पीएसएन हाई सेकेंडरी स्कूल वाली गली की स्ट्रीट लाइटें खराब होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गली में रात के समय अंधेरा छाया रहता है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को आने-जाने में दिक्कत होती है। अंधेरे के कारण दुर्घटना होने का डर भी बना रहता है।

स्थानीय लोगों के लिए यह समस्या रोजमर्रा की आवाजाही को प्रभावित कर रही है। शाम ढलने के बाद सड़क पर रोशनी नहीं होने से रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं देता। ऐसे में पैदल चलने वालों के साथ ही दोपहिया और अन्य वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी पड़ती है।

रात में आवाजाही करना मुश्किल

पीएसएन हाई सेकेंडरी स्कूल वाली गली में स्ट्रीट लाइटें खराब होने से रात के समय रास्ते पर पर्याप्त रोशनी नहीं रहती। इससे स्थानीय निवासियों को अपने घरों तक पहुंचने और राहगीरों को गली से गुजरने में परेशानी होती है।

अंधेरे में सड़क पर मौजूद गड्ढे, रास्ते की बाधाएं या अचानक सामने आने वाले वाहन समय रहते दिखाई नहीं दे सकते। ऐसी स्थिति में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खासकर रात में पैदल आने-जाने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहना पड़ता है।

स्थानीय लोगों को हादसों का डर

इलाके में रोशनी की व्यवस्था ठीक नहीं होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्ट्रीट लाइटों का उद्देश्य रात में सड़कों और गलियों को रोशन रखना है, ताकि लोगों को सुरक्षित आवाजाही में मदद मिल सके। लेकिन लाइटें खराब रहने से यह सुविधा प्रभावित हो रही है।

स्थानीय निवासियों और राहगीरों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या पर ध्यान देगा और जल्द रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। अंधेरे के कारण किसी अप्रिय घटना की आशंका से बचने के लिए खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराना जरूरी है।

स्ट्रीट लाइटें ठीक कराने की जरूरत

जूही बारादेवी की इस गली में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत या जरूरत के अनुसार उन्हें बदलने की आवश्यकता है। संबंधित विभाग की ओर से निरीक्षण कर खराब लाइटों को ठीक कराया जाए, तो स्थानीय लोगों को राहत मिल सकती है।

फिलहाल पीएसएन हाई सेकेंडरी स्कूल वाली गली में खराब स्ट्रीट लाइटों के कारण रात में अंधेरे की समस्या बनी हुई है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक रोशनी की व्यवस्था बहाल कराते हैं।

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