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SIT की शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी, वीडियो में जाने FIR और ट्रस्ट के पुनर्गठन की सिफारिश

SIT की शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी, वीडियो में जाने FIR और ट्रस्ट के पुनर्गठन की सिफारिश

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने मंगलवार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में मामले में एफआईआर दर्ज करने, ट्रस्ट का पुनर्गठन करने और मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई अहम सिफारिशें की गई हैं।

20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी

जानकारी के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी 20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी है। टीम ने बताया कि यह शुरुआती रिपोर्ट है और मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। इसी वजह से एसआईटी ने आगे की जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय भी मांगा है।

FIR दर्ज करने की सिफारिश

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर एसआईटी ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। हालांकि रिपोर्ट में किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

ट्रस्ट के पुनर्गठन का सुझाव

रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी सिफारिश की गई है। सूत्रों का कहना है कि मंदिर प्रशासन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए ट्रस्ट की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताई गई है।

सीनियर अधिकारी को CEO बनाने का प्रस्ताव

एसआईटी ने सुझाव दिया है कि मंदिर के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी के लिए किसी वरिष्ठ आईएएस या अन्य उच्च अधिकारी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जाए। माना जा रहा है कि इससे वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

150 लोगों से हुई पूछताछ

जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में अब तक की कार्रवाई का भी उल्लेख किया है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने इस मामले में करीब 150 लोगों से पूछताछ की है। इन बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर प्रारंभिक निष्कर्ष तैयार किए गए हैं।

पिछले 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट कराने की सिफारिश

रिपोर्ट में मंदिर को मिले चढ़ावे की राशि और उसके प्रबंधन को लेकर भी कई सुझाव दिए गए हैं। एसआईटी ने पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे का स्वतंत्र ऑडिट कराने की सिफारिश की है। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता रोकने के लिए निगरानी और लेखा प्रणाली को मजबूत करने का सुझाव दिया गया है।

ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल सरकार रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

विस्तृत जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

एसआईटी का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और कई बिंदुओं पर अभी जांच जारी है। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, जिसमें मामले से जुड़े सभी पहलुओं और जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जाएगा।

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