विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कोडीन युक्त कफ सीरप की अवैध बिक्री मामले में 15 मुख्य अभियुक्तों की संपत्ति का विवरण मांगा है। अभियुक्तों में से एक कानपुर का रहने वाला है। एसआईटी ने निबंधन दफ्तरों से पिछले छह वर्षों की खरीद-बिक्री और संपत्ति संबंधी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।
जांच अधिकारीयों का कहना है कि यह सीरप नशे के लिए बेचा जा रहा था, जिससे कई बच्चों की जानें भी जा चुकी हैं। इसी कारण एसआईटी ने इस मामले को सख्त कानून कार्रवाई के तहत ट्रैक करने का फैसला लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अब यह माना जा रहा है कि एसआईटी अभियुक्तों की संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी में है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अवैध नशे की बिक्री मामलों में संपत्ति कुर्क करना न केवल अपराधियों पर वित्तीय दमन का असर डालता है, बल्कि भविष्य में ऐसे अवैध कारोबार रोकने में भी मदद करता है।
पुलिस और जांच अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें इस अवैध कारोबार के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी हो तो तुरंत एसआईटी या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
एसआईटी ने कहा है कि संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की जांच के बाद अभियुक्तों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अवैध कोडीनयुक्त दवाओं के कारोबार पर भी बड़ा झटका लगेगा।

