Samachar Nama
×

कानपुर का श्री नंदेश्वर धाम: जहां जीवित सांपों से होता है अर्धनारीश्वर शिवलिंग का श्रृंगार

कानपुर का श्री नंदेश्वर धाम: जहां जीवित सांपों से होता है अर्धनारीश्वर शिवलिंग का श्रृंगार

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित श्री नंदेश्वर धाम मंदिर अपनी अनोखी धार्मिक परंपरा के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। सरसौल विकासखंड के हाथीगांव में स्थित यह मंदिर लगभग 200 वर्ष पुराना माना जाता है और यहां की परंपराएं भक्तों की आस्था को और भी गहरा बनाती हैं।

मंदिर में महाशिवरात्रि के तीसरे दिन एक विशेष और रोमांचक रस्म निभाई जाती है, जो इसे अन्य शिव मंदिरों से अलग पहचान देती है। इस दिन भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप वाले शिवलिंग का श्रृंगार जीवित सांपों से किया जाता है। यह परंपरा पिछले कई दशकों से चली आ रही है और इसे देखने के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परंपरा श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं नागों के स्वामी हैं और उनके गले में सर्प का वास रहता है। ऐसे में जीवित सांपों से शिवलिंग का श्रृंगार करना शिव भक्ति की विशेष अभिव्यक्ति माना जाता है। इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाते हैं।

श्रृंगार की यह प्रक्रिया पूरी सावधानी और पारंपरिक विधि-विधान के साथ की जाती है। सांपों को प्रशिक्षित सपेरों और जानकारों की देखरेख में लाया जाता है, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। आयोजन के दौरान प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करता है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं।

महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल रहता है। भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के साथ श्रद्धालु भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई देते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अनूठी परंपरा ने श्री नंदेश्वर धाम को एक विशेष पहचान दिलाई है। आस्था और रोमांच का यह संगम लोगों को हर वर्ष यहां खींच लाता है।

धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं से जुड़ा यह आयोजन न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारतीय समाज में आस्था कितनी विविध और गहरी है। महाशिवरात्रि के तीसरे दिन होने वाला यह अनोखा श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन जाता है।

Share this story

Tags