एचपीवी टीकाकरण में श्रावस्ती यूपी के टॉप-10 जिलों में शामिल: 3,500 किशोरियों को लगी वैक्सीन, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अभियान तेज
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान में श्रावस्ती जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले में अब तक करीब 3,500 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। बेहतर प्रदर्शन के चलते श्रावस्ती उत्तर प्रदेश के टॉप-10 जिलों में शामिल हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से किशोरियों को एचपीवी संक्रमण से बचाने के लिए लगातार टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करना और महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
किशोरियों को दी जा रही एचपीवी वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिले में स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से पात्र किशोरियों तक पहुंच बनाई जा रही है।
टीकाकरण अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंच रही हैं, ताकि अधिक से अधिक किशोरियों को इसका लाभ मिल सके। विभाग का लक्ष्य है कि जिले की सभी पात्र किशोरियों का समय पर टीकाकरण पूरा किया जाए।
जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा
टीकाकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। कई स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर और वैक्सीन के फायदे के बारे में जानकारी दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि लोगों में जागरूकता बढ़ने से टीकाकरण को लेकर सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। अभिभावकों को भी अपनी बेटियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने जताई खुशी
श्रावस्ती के टॉप-10 जिलों में शामिल होने पर स्वास्थ्य विभाग ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है। अधिकारियों ने कहा कि यह सफलता स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत और लोगों के सहयोग से हासिल हुई है।
विभाग की ओर से आगे भी अभियान को तेज करने की योजना बनाई गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन का लाभ मिल सके।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव में अहम कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का एक प्रमुख कारण माना जाता है। समय पर टीकाकरण कराने से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
श्रावस्ती में चल रहा यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग अब अभियान को और व्यापक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी कर रहा है।

