पिता की हत्या मामले में बेटे और बेटी के चौंकाने वाले खुलासे, पुलिस जांच में जुटी
राजधानी लखनऊ में एक सनसनीखेज हत्या मामले में लगातार चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। मामला है मानवेंद्र सिंह की हत्या का, जिसे उनके बेटे अक्षत प्रताप ने अंजाम दिया था। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि हत्या के पीछे बेटे की पिता की दूसरी शादी को लेकर नाराजगी मुख्य कारण थी।
जानकारी के अनुसार, हत्या के बाद अक्षत प्रताप ने शव के पास बैठकर नॉनवेज खाना खाया। इतना ही नहीं, मृतक की बेटी कृति ने पिता की हत्या के दिन अपने परीक्षा कार्यक्रम को भी जारी रखा। यह तथ्य पुलिस और समाज के लिए चौंकाने वाला है।
सूत्रों के मुताबिक, अक्षत प्रताप ने शव को छुपाने के लिए आरी और नीला ड्रम भी खरीदा था। दोनों भाई-बहन ने यह सुनिश्चित किया कि उनकी चाची उस कमरे में न जाएं, जहां शव रखा गया था। इस घटनाक्रम से यह साफ हो रहा है कि योजना पूर्वनियोजित और सोची-समझी थी।
पुलिस अब कृति की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि कृति का इस हत्या कांड में कोई सक्रिय योगदान था या फिर डर के कारण उसने खामोशी साधी। पुलिस को उम्मीद है कि कृति से पूछताछ और डिजिटल सबूतों के माध्यम से इस मामले में पूरा सच सामने आएगा।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के मामलों में बच्चों का डर और मानसिक दबाव उनके व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में पीड़ित या गवाह होने के बावजूद डर और परिवारिक तनाव के चलते लोग चुप रहते हैं।
स्थानीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की जांच तीव्र गति से चल रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि इस तरह की घटनाओं में सूचना और सहयोग पुलिस को समय पर दिया जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि योजना बनाकर हत्या और शव छुपाने की गंभीर घटना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून की नजर में इस तरह की घटनाओं में सख्त कार्रवाई और न्यायपालिका की तेज़ी बेहद महत्वपूर्ण है।
इस घटना ने लखनऊ में लोगों के बीच सुरक्षा, पारिवारिक संबंध और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही यह भी चेतावनी देती है कि पारिवारिक विवाद और मानसिक दबाव कभी-कभी इतने भयावह परिणाम तक ले जा सकते हैं।
इस प्रकार, लखनऊ के इस हत्या मामले ने न केवल पुलिस की जांच क्षमता को चुनौती दी है, बल्कि समाज और परिवारों को भी सावधानी और जागरूकता की सीख दी है। पुलिस अभी भी मामले के सभी पहलुओं का विश्लेषण कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरा सच सामने आएगा।

