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शारदीय नवरात्रि कल से शुरू, इस बार 10 दिन होगी मां दुर्गा की आराधना; वीडियो में जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि कल से शुरू, इस बार 10 दिन होगी मां दुर्गा की आराधना; वीडियो में जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान देशभर के मंदिरों और घरों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के साथ नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव की शुरुआत होगी। हालांकि, इस बार तिथियों की विशेष स्थिति के कारण नवरात्रि का पर्व 10 दिनों तक चलने की बात कही जा रही है। श्रद्धालुओं के बीच कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त और माता रानी के आगमन व प्रस्थान के वाहन को लेकर भी उत्सुकता है।काशी के ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस बार शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि पर चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का संयोग बन रहा है। ऐसे में घट स्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त को विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करने के बाद विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा शुरू की जाती है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, रविवार 11 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 20 मिनट से दोपहर 12 बजकर 7 मिनट तक अभिजित मुहूर्त में घट स्थापना की जा सकती है। इस अवधि में श्रद्धालु अपने घरों और मंदिरों में कलश स्थापित कर मां दुर्गा का आह्वान कर सकते हैं।नवरात्रि के पहले दिन पूजा स्थल की साफ-सफाई करने, कलश स्थापना करने और मां शैलपुत्री की आराधना करने की परंपरा है। भक्त नौ दिनों तक उपवास रखकर माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं। कई स्थानों पर दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं।

10 दिनों तक चलेगा नवरात्रि का पर्व

इस बार तिथियों की स्थिति के कारण नवरात्रि 10 दिनों तक चलने की जानकारी दी गई है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, नवमी तिथि 20 अक्टूबर की सुबह तक रहेगी। ऐसे में इस दिन हवन, पूजन और पूर्णाहुति की जा सकेगी। नवरात्रि के समापन पर श्रद्धालु कन्या पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी करेंगे।नवरात्रि के दौरान मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है और बाजारों में पूजा सामग्री, फल, फूल, चुनरी तथा अन्य धार्मिक वस्तुओं की खरीदारी बढ़ जाती है। कई शहरों में दुर्गा पूजा पंडाल और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

हाथी पर आएंगी माता रानी, मुर्गे पर विदाई की मान्यता

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जा रहा है, जबकि प्रस्थान मुर्गे पर बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं में माता का हाथी पर आगमन खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है।वहीं, मुर्गे पर प्रस्थान को कुछ ज्योतिषीय व्याख्याओं में राजनीतिक बदलाव और परिस्थितियों में परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जाता है। हालांकि, ये पारंपरिक धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, इन्हें भविष्य की घटनाओं की निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।शारदीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति और शक्ति की आराधना का अवसर है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ और धार्मिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

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